अमरीकी वैज्ञानिकों ने एक ऐसा कैमरा तैयार किया है जो फ़ोटो खींचने के लिए रोशनी से ऊर्जा लेता है।
कैमरा अपने सेंसरों पर पड़ने वाली रोशनी के कुछ हिस्से को बिजली में बदल देता है और उसका इस्तेमाल फ़ोटो खींचने में करता है।
सिद्धांत रूप में खुद ही ऊर्जा पैदा करने वाला यह उपकरण हमेशा के लिए हर सेकेंड एक फ़ोटो खींच सकता है।
कैमरा बनाने वाले वैज्ञानिक अब इस उपकरण को बेहतर बनाने में लगे हैं और इस तकनीक के कारोबारी फायदे के तरीके ढूंढ रहे हैं।
न्यूयॉर्क में कोलंबिया विश्वविद्यालय के कंप्यूटर विज़न लैबोरेट्री के निदेशक प्रोफ़ेसर श्री नायर करते हैं, "हम डिजिटल इमेजिंग क्रांति के बीच में खड़े हैं।"
"एक ऐसा कैमरा जो बिना किसी बाहरी ऊर्जा के हमेशा के लिए निर्बाध रूप से काम कर सकता हो- यह बहुत काम का हो सकता है।"
प्रोफ़ेसर नायर का कहना है कि इस उपकरण को बनाने का विचार तब आया जब उन्होंने महसूस किया कि सौर पैनल और डिजिटल कैमरा लाइट के इस्तेमाल के लिए करीब-करीब एक जैसे घटक, जिन्हें फ़ोटोडियोड कहते हैं, इस्तेमाल करते हैं।
इंजीनियरों के सहयोग से प्रोफ़ेसर नायर एक ऐसा फ़ोटोडियोड तैयार करने में सफल हो गए जिसमें रोशनी के इस्तेमाल की कैमरे की क्षमता और सौर पैनल की बिजली में बदलने की क्षमता दोनों थीं।
अगला कदम बहुत से फ़ोटोडियोड के इस्तेमाल से ऐसा ग्रिड तैयार करना था जो इस पर पड़ रही रोशनी की तीव्रता को महसूस करे और इसके कुछ अंश को ऊर्जा में बदल दे जो तस्वीर लेती है।