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इमरजेंसी वार्ड में ऑक्सीजन सप्लाई लाइन डालने का काम शुरू

Sat, 12 Aug 2017 11:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/फर्रुखाबाद
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चाइल्ड वार्ड में भर्ती बच्चे। - फोटो : अमर उजाला
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फर्रुखाबाद। गोरखपुर में कई लोगों की मौत के बाद यहां का स्वास्थ्य विभाग भी जाग गया है। शनिवार को आननफानन में लोहिया अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में सेंटर ऑक्सीजन सप्लाई प्वाइंट बनाने के लिए आगरा की कंपनी को बुलाकर काम शुरू कराया गया। अन्य वार्डों में लाइन बिछाकर सेंटर ऑक्सीजन सप्लाई की अभी तक कोई व्यवस्था नहीं है। फतेहगढ़ में चल रहे 30 शैया के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भी ऑक्सीजन उपलब्ध नहीं हैं। लोहिया अस्पताल में 70 ऑक्सीजन सिलेंडर उपलब्ध हैं। 15 भरे सिलेंडर हैं। यहां अभी तक सेंटर ऑक्सीजन सप्लाई नहीं शुरू की गई है। शनिवार को मां वैष्णो सर्जिकल आगरा के मालिक कृष्णा शर्मा को बुलाकर कारीगरों द्वारा आपातकालीन कक्ष में सेंटर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए चार प्वाइंट बनवाए गए। लाइन खिंचनी शुरू कराई गई है। अन्य वार्डों में ऑक्सीजन लगाने के लिए फार्मासिस्ट और नर्सिंग स्टाफ को लकड़ी के हथौड़े उपलब्ध कराए गए हैं। इनसे फौरी तौर पर ऑक्सीजन सप्लाई शुरू की जा सकेगी। सीएमएस डॉ. बीबी पुष्कर का कहना है कि वह काफी समय से सेंटर ऑक्सीजन सप्लाई के लिए प्रयासरत थे लेकिन कारीगर नहीं मिल पा रहे थे। अब आपातकालीन में यह सेवा शुरू कर दी गई है।
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सीएमएस डॉ. बीबी पुष्कर का कहना है कि रोज 10 से 12 ऑक्सीजन सिलेंडर की खपत होती है। पहले कानपुर के पनकी से मंगाए जाते थे, जिससे विलंब होता था। अब फर्रुखाबाद के लाल गेट से नेहा गैस एजेंसी से क्रय करते हैं। रोगी कल्याण समिति से पूरा भुगतान किया जा रहा है। गैस कंपनी का कोई भी रुपया बकाया नहीं है।ह्रदय रोग विभाग में भी अभी सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था नहीं की गई है। सीएमएस बताते हैं कि इस वार्ड में हमेशा गैस सिलेंडर मौजूद रहते हैं। जरूरत पड़ने पर रोगी को ऑक्सीजन तत्काल प्रभाव से लगाई जाती है।


 

चाइल्ड वार्ड में नहीं सेंटर ऑक्सीजन सप्लाई
चाइल्ड वार्ड में भी सेंटर ऑक्सीजन सप्लाई की व्यवस्था नहीं है। मौजूदा समय में इस वार्ड में तीन बच्चे भर्ती हैं। वार्ड के प्रभारी बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एसपी सिंह का कहना है कि जब बच्चों को गैस की जरूरत होती है तो उन्हें आपातकालीन कक्ष में रखा जाता है।
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एनआरसी में चार बच्चे भर्ती
पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में चार बच्चे भर्ती हैं। इसके प्रभारी डॉ. विवेक सक्सेना का कहना है कि सेंट्रल ऑक्सीजन सप्लाई के लिए लाइन बिछाने के लिए सीएमएस ने शासन को लिखा है।


लोहिया में 50 रोगी भर्ती, 20 से 25 की प्रतिमाह होती मौत
लोहिया अस्पताल में मौजूदा समय में 50 रोगी सभी वार्डों में भर्ती हैं। शनिवार को 1175 वाह्य रोगी देखे गए। 500 पुराने रोगियों को परामर्श दिया गया। प्रतिमाह औसतन लोहिया अस्पताल में 20 से 25 रोगियों की इलाज के दौरान मौत हो जाती है। सीएमएस इसका जिम्मेदार निजी नर्सिंग होम संचालकों की बदनियती को बता रहे हैं। उनका कहना है कि मरीज की हालत गंभीर होने पर उन्हें नर्सिंग होम मालिक इन्हें लोहिया अस्पताल रेफर कर पल्ला झाड़ लेते हैं।


महिला यूनिट में पर्याप्त ऑक्सीजन सिलेंडर
लोहिया अस्पताल की महिला यूनिट में दो ऑक्सीजन सिलेंडर हमेशा मौजूद रहते हैं। इंचार्ज मुख्य चिकित्साधीक्षक डॉ. कैलाश कुमार का कहना है कि मौजूदा समय में 15-20 ऑक्सीजन सिलेंडर महिला यूनिट में मौजूद हैं। यहां ऑक्सीजन गैस सिलेंडर की कमी नहीं है।


दावा हवाई, फतेहगढ़ के सीएचसी में ऑक्सीजन नहीं
सीएमओ के अधीन आने वाले नौ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और 27 न्यू प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में सभी पर ऑक्सीजन सिलेंडर होने का दावा इंचार्ज मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. चंद्रशेखर कर रहे हैं। पर असलियत यह है कि सीएमओ कार्यालय के पीछे चल रहे 30 शैय्या के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फतेहगढ़ में एक भी ऑक्सीजन सिलेंडर मौजूद नहीं है। सीएचसी के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. ब्रजेश मिश्र का कहना है कि अभी तक यहां आपातकालीन सेवाएं शुरू नहीं की गई हैं। 30 बेड के अस्पताल में केवल चार बेड पड़े हैं। स्टाफ के नाम पर दो फार्मासिस्ट मौजूद हैं। यहां ऑक्सीजन देने की कोई सुविधा नहीं है। डेढ़ लाख की आबादी के स्वास्थ्य के लिए फतेहगढ़ में खोले गए इस सीएचसी में आपातकालीन सुविधाएं नहीं हैं। सीएमओ कहते हैं कि इस संबंध में वह कई बार शासन को लिख चुके हैं।
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