शमसाबाद। थाना क्षेत्र के गांव कटरी तौफीक में तेज हवा और बारिश में झोपड़ी गिर गई। इस झोपड़ी के मलबे में मां तथा दो बेटियां दब गईं। गांववालों ने आनन-फानन मलबा हटाकर उन्हें बाहर निकाला। इसके बाद शहर क्षेत्र के नर्सिंगहोम में भर्ती कराया गया।
गांव कटरी तौफीक में धर्मपाल की पत्नी प्रीती और बेटी कोमल (7) और काजल (5) रविवार दोपहर खाना खाने के बाद सो रही थी। उसी दौरान तेज गति से चली हवा और बारिश की वजह से कच्ची दीवारों से तैयार झोपड़ी दीवारों समेत गिर गई। इससे उक्त लोग मिट्टी के मलबे में दब गए।
हादसे के वक्त गृहस्वामी धर्मवीर गांव में किसी काम से गया था। वह जब वापस आया तो गांववाले झोपड़ी का मलबा हटाकर दबे हुए लोगों को निकाल रहे थे। मां समेत बेटियां घायल हो गईं। गांववालों ने बताया कि कटरी तौफीक में गंगा का पानी घुस चुका है। पानी कई दिन भरे रहने के बाद गंगा का जलस्तर जब कम हुआ तो गांव में लोग फिर बस गए। कच्ची दीवारों के निचले हिस्से को गंगा के पानी ने पहले ही गीला कर दिया। इसकी वजह से तेज हवा से झोपड़ी गिर गई।