फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्रीमिया

Mon, 03 Mar 2014 07:15 PM IST
अमर उजाला नई दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
राष्ट्रपति विक्टर यांकोविच के सत्ता से बेदखल होने के बाद से क्रीमिया को लेकर रूस और यूक्रेन में तनाव बढ़ता जा रहा है। काला सागर और अजोव सागर के बीच के प्रायद्वीप पर स्थित क्रीमिया एक गणराज्य है, जो यूक्रेन का हिस्सा है। कर्च जलडमरूमध्य इसे रूस से अलग करता है। यह प्रायद्वीप दो हिस्सों में बंटा है- एक क्रीमिया गणराज्य, जिसका यहां के अधिकतर क्षेत्रों पर कब्जा है, और बाकी बचे क्षेत्र सेवस्तोपोल के नियंत्रण में है, जिसे यूक्रेन में विशेष शहर का दर्जा हासिल है।
विज्ञापन


इस प्रायद्वीप पर रूस का शासन 1783 से शुरू हुआ, जब कैथरीन द ग्रेट ने इस पर कब्जा कर लिया। लेकिन 1954 में इसे सोवियत नेता निकिता खुर्श्चेव ने यूक्रेन को वापस सौंप दिया। वैसे क्रीमिया के इतिहास में रूस और ओटोमन साम्राज्य के बीच हुआ युद्ध महत्वपूर्ण है। यह जंग रूस की साम्राज्यवादी नीतियों के कारण हुई थी।

अक्तूबर, 1853 में इस युद्ध की शुरुआत हुई और जल्दी ही रूस ने काला सागर में ओटोमन बेड़े को ध्वस्त कर अपनी पकड़ मजबूत कर ली, लेकिन मार्च, 1854 में फ्रांस और ब्रिटेन के ओटोमन साम्राज्य के पक्ष में उतर जाने से लड़ाई लंबी खिंच गई। मार्च, 1856 में पेरिस में शांति समझौता के बाद यहां हालात सामान्य हो सके। बावजूद इसके सेवस्तोपोल परोक्ष रूप से रूस के कब्जे में ही रहा है।
विज्ञापन


अब भी कुल बीस लाख की आबादी वाले इस गणराज्य में सर्वाधिक जनसंख्या रूसी नागरिकों की है। दूसरे स्थान पर यूक्रेनी हैं, जिनकी संख्या कुल आबादी की एक-चौथाई है। 12 प्रतिशत की आबादी के साथ मुस्लिम तातर भी यहां महत्वपूर्ण हैसियत रखती है। सिंफेरोपाल क्रीमिया की राजधानी है और पर्यटन तथा कृषि यहां के लोगों का मुख्य व्यवसाय।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें