पटना में नरेंद्र मोदी की रैली से पहले हुए धमाकों को लेकर केंद्रीय मंत्री शशि थरूर के एक ट्वीट ने विवाद पैदा कर दिया है। सोशल नेटवर्किंग साइट ट्विटर और फेसबुक पर उनकी टिप्पणी की खासी आलोचना हो रही है।
थरूर ने अपने ट्वीट में धमाकों में मारे गए लोगों को श्रद्धांजलि देते हुए को धमाकों को नरेंद्र मोदी की पटना रैली से जोड़कर दिखाया था।
लोगों को उनका इन सीरियल बम धमाकों को बीजेपी की पटना रैली से जोड़ना रास नहीं आया है और उन्होंने फेसबुक और ट्विटर पर थरूर की जमकर खिंचाई की है।
थरूर की इस टिप्पणी के बाद फेसबुक और ट्विटर पर वाकयुद्ध छिड़ गया। कइयों ने थरूर के ट्वीट पर गुस्सा जाहिर किया है। इस बीच कई लोगों ने थरूर पर तथ्यों को तोड़ने-मरोड़ने का आरोप लगाया और इसके औचित्य पर भी सवाल खड़ा किया।
हालांकि कुछ लोगों का यह भी कहना था उनके ट्वीट को सही संदर्भ में समझा जाना चाहिए। अपने ट्वीट पर इतनी कड़ी प्रतिक्रियाएं देख थरूर को जब यह लगा कि उनकी टिप्पणी का गलत मतलब निकाला जा रहा है तो उन्होंने ट्वीट कर सफाई दी कि भाजपा की रैली से जुड़ी हिंसा का मतलब, रैली के कारण हुई हिंसा नहीं है।
उन्होंने लिखा कि मेरे इस शोक संदेश का मकसद कहीं से भी राजनीतिक टिप्पणी करना नहीं था। ऐसा पहली बार नहीं है जब थरूर अपने ट्वीट की वजह से विवादों में फंसे हैं। पहले भी उनकी टिप्पणियों पर सोशल नेटवर्किंग साइटों पर कड़ी प्रतिक्रियाएं हुई हैं।
कई बार उनके ट्वीट से पैदा हुए राजनीतिक विवादों के कारण उनकी पार्टी कांग्रेस को उनके ट्वीट से किनारा करना पड़ा था। इस बीच जहां, पटना में हुए धमाकों पर थरूर ने अपनी हालिया टिप्पणी पर सफाई दी है, वहीं, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने एक ही दिन रैली और विस्फोट होने पर आश्चर्य व्यक्त किया है।