49वीं हरियाणा राज्य विद्यालय खेल प्रतियोगिता का आगाज जिस अंदाज में हुआ शायद ही किसी खिलाड़ी और कोच ने इसकी उम्मीद की होगी।
सुबह करीब नौ बजे प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ी तो पहुंच गए लेकिन खेल एक बजे शुरू हुए। यही नहीं ग्राउंड में खेल की व्यवस्थाओं को देख खिलाड़ी दंग रह गए।
लंबी घास और पानी भरे असमतल मैदान में मैट बिछाकर खिलाड़ियों को मैच के लिए बुलाया गया। हालांकि कोच और खिलाड़ियों ने इस पर नाराजगी जाहिर की लेकिन आला अधिकारियों की अव्यवस्थाओं के बीच आखिर उनकी सुनने वाला कौन था।
खेल के दौरान घास और असमतल मैदान की वजह से खिलाड़ी बार-बार गिरते रहे और निर्णायक अपनी निर्णय सुनाते रहे। न किसी ने इस अव्यवस्था पर ध्यान दिया और न धूप में बैठे किसी खिलाड़ी पर रहम आया। यही वजह थी आयोजकों की अव्यवस्थाओं को लेकर खिलाड़ियों और टीम इंचार्ज में रोष देखने को मिला।
सोमवार को जाट स्कूल के मैदान में सुबह 9 बजे राज्यस्तरीय खेल प्रतियोगिताएं शुरू हुईं, लेकिन सभी खिलाड़ियों के वेट लेने व डॉक्यूमेंट चेक करने के चलते वुशू खेल तीन घंटे बाद शुरू हुआ। वहीं, थांग-ता मार्शल आर्ट चार तो किक बॉक्सिंग प्रतियोगिता पांच घंटे की देरी से लंच के बाद शुरू हुई। वहीं खेल की अव्यवस्थाओं पर खिलाड़ियों व कोचों का कहना है कि कहीं मैदान के बीच पानी भरा हुआ है तो कहीं लंबी घासें हैं। खिलाड़ी नंगे पैर खेले जिससे बार-बार घास चुभने की वजह से उनका प्रदर्शन भी अच्छा नहीं रहा। वहीं प्रदेश भर से पहुंचे खिलाड़ियों को रहने व खाने-पीने के लिए धर्मशाला का सहारा लेना पड़ा। कोच और टीम इंचार्ज ने बताया कि जिन स्कूलों में रुकने की व्यवस्था की गई थी वहां पर तो ताला लगा हुआ था। और जो स्कूल खुले भी हुए थे वहां पर केवल एक दरी थी। न ही पानी की व्यवस्था थी और न ही शौचालय की।
बॉक्स
खिलाड़ी बोले...नहीं देखी ऐसी राज्यस्तरीय प्रतियोगिता
राज्यस्तरीय खेल है, लेकिन खेलने के लिए बेहतरीन मैदान नहीं है। यहां लंबी-लंबी घासें हैं। जिन पर खेलना मुश्किल है। अंडर-14 में थांग-ता मार्शल आर्ट खेला जाना है, यहां मैट समतल न बिछाए जाने से काफी परेशानी होगी। पानी की भी कोई व्यवस्था नहीं की गई है।
-ऊर्जा, रोहतक
सुबह से स्पर्धा शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अब दोपहर को दो बजे शुरू हुई है। किक बॉक्सिंग व वुशू खेल भी हो रहे हैं। उनके लिए मैट का इस्तेमाल किया गया है, लेकिन मैदान समतल नहीं है। मैट भी अलग-अलग हो जाने से सूखी घासें बीच में आ गई हैं। मैदान में पानी भरा हुआ है।
-अदित राठी, रोहतक
अच्छा होता कि ये खेल इंडोर स्टेडियम में कराए जाते। खलाड़ियों को परेशानी नहीं होती। यहां तो सूखी घास में खेल हो पाना मुश्किल है, फिर धूप से तो परेशान हो जाएंगे। मैदान में पानी का जो टैंकर दूर है। इसमें से भी पानी बहुत कम आता है।
-दिनेश, भिवानी
शहर में आए राज्यस्तरीय खिलाड़ी पहुंचे धर्मशाला
विभाग की लापरवाही और अव्यवस्था का खामियाजा प्रदेशभर के खिलाड़ियों और कोच, इंचार्ज को भुगतना पड़ रहा है। कैथल टीम के डीपीई राजकुमार ने बताया कि स्थानीय शिक्षा विभाग ने जिन स्कूलों में रुकने की व्यवस्था कराई है वहां आराम करने, शौचालय व नहाने में लड़कियों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में पुराना बस स्टैंड समीप श्रीराम ट्रस्ट धर्मशाला में खिलाड़ियों को ठहराया है। पंचकूला टीम के इंचार्ज हेमंत ने बताया कि उनकी टीम में 37 खिलाड़ी हैं, अधिकतर लड़कियां है, आवासीय स्थल की जानकारी नहीं थी। एईओ से बात की कि तो उन्होंने सोमवार को मैदान में आकर पूछने को कहा। ऐेसे में खिलाड़ियों को लेकर रात में कहां जाते। इसलिए भी धर्मशाला में ठहरे है। उन्होंने बताया कि फरीदाबाद की टीम भी उनके साथ धर्मशाला में ठहरी है, क्योंकि भिवानी रोड स्थित स्कूल में रात नौ बजे जब टीम पहुंची तो वहां ताला लगा था। उन्होंने भी धर्मशाला में जाने का निर्णय लिया।
वर्जन
बेहतर इंतजाम की कोशिश
छोटूराम स्टेडियम में ये खेल होने थे, लेकिन वहां पर कुश्ती प्रतियोगिता होने के चलते जाट स्कूल के मैदान में कराने का निर्णय लिया है। यह इंडोर व आउटडोर दोनों तरह का खेल है। वुशू व किक बॉक्सिंग स्पर्धा के लिए मैट बिछाई गई है। थांग-ता मार्शल आर्ट प्रतियोगिता के लिए मैट जरूरी नहीं है। विभाग से अपनी तरफ से बेहतर इंतजाम करने की पूरी कोशिश की है।
-ओम प्रकाश, एईओ