गैंगवार के चलते मोखरा में घर के बाहर खड़े युवक पर गोली चलाने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
दोनों आरोपी जयभगवान गैंग के गुर्गे हैं। आरोपियों के कब्जे से दो देसी तमंचे बरामद किए गए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि शामलो कलां निवासी गैंगस्टर जयभगवान ने ही उन्हें तमंचे दिए थे।
वहीं, आरोपियों के निशाने पर संदीप को भांजा नरेश नहीं, बल्कि उसका मुंहबोला भाई नवीन था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों को मंगलवार को अदालत में पेश किया जाएगा।
ये है मामला
मोखरा में भिवानी के डोहकी गांव निवासी नरेश (19 वर्ष) मोखरा में अपने मामा के घर आया था। बीते 29 अक्टूबर बुधवार रात को घर के बाहर खड़े नरेश पर बाइक सवार दो युवकों ने फायर कर दिया। मामले में सामने आया कि हमला गैंगवार के चलते किया गया। इससे पहले गैंगवार में ही नरेश के तीन मामा मौत के घाट उतारे जा चुके हैं। मामले में जयभगवान निवासी शामलों कलां (जींद) का नाम आया। एसपी सौरभ सिंह ने सीआईए-1 को जांच सौंपी।
यूं पकड़ में आए गुर्गे
सीआईए-1 की टीम ने मुखबिरों की सूचना के आधार पर जयभगवान की तलाश में लगातार हिसार, गतौली, जींद, नरवाना और शामलों कलां में छापामारी की। छापामारी के दौरान पता चला कि जयभगवान तो एक स्थान से दो दिन पहले ही निकल गया।
जयभगवान तो हाथ नहीं आया, लेकिन उसके गैंग के दो गुर्गों पुलिस के हत्थे चढ़ गए। ढिल्लू निवासी गतौली (जींद) को हुडा सिटी पार्क के पास से काबू किया गया।
आरोपी के कब्जे से 315 बोर का देसी तमंचा बरामद किया गया है। दूसरे गुर्गे जुलाना निवासी दीपू को सिंहपुरा रोड के पास से गिरफ्तार किया। उसके पास से भी 315 बोर का देसी तमंचा बरामद किया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपियों को जयभगवान ने ही तमंचे सौंपे थे। दोनों ने फरारी के दौरान जयभगवान की मदद की थी। जयभगवान ने उन्हें कहा था कि समय आने पर काम भी बता दिया जाएगा।
नवीन का करना था गेम, सामने आ गया नरेश
पुलिस सूत्रों के अनुसार 29 अक्तूबर की रात को मोखरा गांव में हमलावर नरेश पर हमला करने नहीं पहुंचे थे। बल्कि वह नरेश के मामा संदीप के मुंहबोले भाई नवीन को मारने आए थे। लेकिन, नवीन और नरेश का कद एक जैसा होने के कारण वे नरेश को ही नवीन समझ गए और उस पर फायर कर फरार हो गए। बता दें कि इसी साल सितंबर में संदीप का जींद कोर्ट में पेशी के दौरान मर्डर किया गया था। सिर में गोली लगने के बाद नरेश को शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जींद के आसपास बना रखा है गैंग
जयभगवान ने जींद और जुलाना के आसपास में ही अपना नेटवर्क बना रखा है। नेटवर्क में उसने आसपास के ही लोगों को शामिल कर रखा है। गैंग में अधिकतर सदस्य उसके परिवार के ही हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो जींद जेल में उसके परिवार के 7-8 सदस्य बंद है और वहीं से नवीन की हत्या की साजिश रची गई। हालांकि अधिकारियों का मानना है कि असलियत का जयभगवान की गिरफ्तारी के बाद ही खुलासा हो सकेगा।
शराब के कारोबार के कारण बढ़ी रंजिश
सूत्रों के अनुसार यह रंजिश शराब के कारोबार से 2011 में शुरू हुई। गांव मोखरा निवासी संदीप ने साथियों के साथ 2011 में जुलाना के शामलों कलां गांव में शराब का ठेका लिया था। अवैध शराब की बिक्री के कारण शराब ठेकेदारों व शामलों कलां निवासी जयभगवान के बीच खींचतान शुरू हो गई। इसी रंजिश के चलते 19 मई 2011 की रात को संदीप ने दो साथियों के साथ मिलकर जयभगवान को तीन गोलियां मार दी। गंभीर हालत में जयभगवान को पीजीआई रोहतक लाया गया। उसी रात को उपचाराधीन जयभगवान पर एक युवक ने गोली चला दी। हमले में शादीपुर निवासी प्रवीण और पीजीआई सिक्योरिटी गार्ड तेजबीर की हत्या कर दी गई। इसके बाद दोनों गुटों में रंजिश बढ़ गई। बाद में दूसरे गुट की ओर से संदीप के दो भाइयों की हत्या कर दी गई। संदीप को भी एक सितंबर को जींद अदालत में गवाही पर जाते समय हत्या कर दी गई।