हरियाणा की राजनीति में अहम स्थान रखने वाले बीरेंद्र सिंह स्वयं के साथ हुई राजनीतिक ट्रेजडी को भुला नहीं पा रहे हैं। 2009 में इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला के हाथों मिली हार आज भी उन्हें सता रही है। इससे भी अधिक दर्द पार्टी में हुई उपेक्षा का है। शनिवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह की मौजूदगी में मंच पर बीरेद्रं सिंह इस दर्द को छिपा नहीं सके। इशारों ही इशारों में बीरेंद्र सिंह ने (लांग रोप) अधिक शक्तियां यानी मुख्यमंत्री की कुर्सी की मांग कर डाली।
बीरेंद्र सिंह ने कहा कि उन्होंने 42 साल कांग्रेस में बिताए हैं। हमेशा पार्टी के फायदे के लिए काम किया, लेकिन उनके साथ बहुत धोखे हुए हैं। इसके चलते मीडिया ने उन्हें ट्रेजडी किंग कहना शुरू कर दिया है। उन्होंने अपनी तुलना अभिनेता दिलीप कुमार से कर डाली। उन्होंने कहा कि 25 वर्ष की उम्र में राजनीति शुरू कर 11 चुनाव लड़े लेकिन कभी दूसरी पार्टी की ओर नहीं देखा। नई परिस्थितियों में व्यक्ति को अहम फैसले लेने पड़ते हैं। इस दौरान भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता कैप्टन अभिमन्यु ने भी कहा कि बीरेंद्र सिंह के आने से पार्टी मजबूत होगी। भाजपा महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष प्रतिभा सुमन ने सरकार पर आरोप लगाया कि महिलाओं पर होने वाले अपराधों में प्रदेश नंबर एक पर है।
प्रधानमंत्री हैं बदलाव के प्रतीक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करते हुए बीरेंद्र सिंह ने कहा कि वे बदलाव के प्रतीक हैं। 24 साल बाद किसी राजनीतिक दल को पूर्ण बहुमत मिला है। यह बदलाव है।
शाह को दो टूक
बीरेंद्र सिंह ने अपने चिरपरिचित अंदाज में अमित शाह को भी दो टूक शब्दों में कह दिया कि वे अपने स्वाभिमान से समझौता नहीं करेंगे। कांग्रेस में भी उन्होंने इसी का भुगता है। उन्होंने कहा कि गांवों के लोग अभिमानी नहीं है, लेकिन स्वाभिमानी हैं। जब भी उनके स्वाभिमान को किसी ने ठेस पहुंचाई है, उसे बक्शा नहीं।
उत्तर हरियाणा के विकास का गणित
बीरेंद्र सिंह ने मुख्यमंत्री द्वारा किए विकास का गणित बताते हुए कहा कि उत्तर हरियाणा जिसमें जींद, कैथल, पानीपत, पंचकुला, अंबाला सहित आठ जिले आते हैं। मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि यहां कोई बड़ा शिक्षा या स्वास्थ्य का केंद्र खोला हो। उन्होंने कहा कि सरकार ने केवल जमीन की सौदेबाजी की है। किसान से एक एकड़ आठ लाख में लेकर 86 करोड़ रुपये में बेची जाती है।
हेलीकॉप्टर की हवा से फटा टेंट
रैली के दौरान हेलीकॉप्टर से फूलों की बारिश करवाने की व्यवस्था की गई थी। जब हेलीकॉप्टर फूलों की बारिश कर रहा था, इसी दौरा तेज हवा के कारण टेंट फट गया।
दिखा बांगर का रंग
रैली के दौरान शुद्ध बंागर का रंग दिखा। रैली की व्यवस्था के लिए सैकड़ों लोगों की ड्यूटी लगाई गई थी, लेकिन लोग व्यवस्था में नहीं बंध सके। दर्जनों युवकों ने टेंट की पाइप पर बैठ कर पूरी रैली को सुना।