पार्किंग में गाड़ी खड़ी करने को लेकर हुए विवाद में एक युवक ने पीजीआई के सिक्योरिटी गार्ड की गर्दन पर तेजधार हथियार से हमला कर दिया।
युवक को मौके पर ही दबोच कर पीजीआई थाना पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस घटना से गुस्साए सिक्योरिटी कर्मचारियों ने वीसी से मामले की कार्रवाई के अलावा दूसरे मांगों लेकर हड़ताल कर दिया। देर शाम पीजीआई के वीसी द्वारा उनकी मांगें मानने के बाद ही हड़ताल समाप्त कर वह काम पर वापस लौटे।
पुरानी सब्जी मंडी निवासी आशीष अपनी पत्नी की जांच कराने के लिए सोमवार सुबह पीजीआई गया था। उसने अपनी सैंट्रो कार पीजीआई में एमएस ऑफिस की तरफ स्टाफ पार्किंग में खड़ी कर दी।
वहां खड़े सुरक्षाकर्मी ने पार्किंग केवल स्टाफ के लिए है कहा तो इसको लेकर दोनों में बहस शुरू हो गई। युवक ने सिक्योरिटी गार्ड पर किसी तेजधार हथियार से हमला कर दिया।
इससे उसकी गर्दन पर जख्म हो गया। उसने तुरंत अन्य सुरक्षाकर्मियों को बुलाकर आशीष को पकड़कर पुलिस को सौंप दिया। वहीं सिक्योरिटी गार्ड का कहना है कि उसकी गर्दन पर चाकू से हमला किया गया है जबकि आशीष का कहना है कि उसके हाथ में गाड़ी की चाबी थी, जो सिक्योरिटी गार्ड को लग गई।
हड़ताल पर चले गए सिक्योरिटी गार्ड
रविवार रात को एंबुलेंस ड्राइवर द्वारा मारपीट करने और सोमवार सुबह एक सिक्योरिटी गार्ड पर हमला किए जाने से गुस्साए पीजीआई में तैनात सभी सिक्योरिटी गार्ड हड़ताल पर चले गए। सभी इमरजेंसी के बाहर जमा होकर नारेबाजी करने लगे। इसके बाद दोपहर 3 बजे सुरक्षाकर्मियों ने पीजीआई के वीसी से मुलाकात कर कार्रवाई के साथ अपनी दूसरी मांगों को भी रखा। शाम लगभग साढ़े 5 बजे वीसी ने उनकी सभी मांगों को मान लिया, जिससे कर्मचारी फिर से काम पर लौट आए।
पीजीआई का ही कर्मचारी युवक का पिता
तेजधार हथियार से हमला करने के आरोपी युवक का पिता भी पीजीआई में ही कर्मचारी है। वो आर्थो विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत है। सूचना मिलने पर वह भी मौके पर पहुंच गया। उन्होंने कहा कि उनका बेटा ऐसी हरकत नहीं कर सकता है, जरूरी सिक्योरिटी गार्ड ने कोई गलती की होगी।
दोनों मामलों में दर्ज हुआ मुकदमा
पीजीआई थाना पुलिस ने दोनों ही मामलों में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। रविवार रात के मामले में मकड़ौली निवासी भूपेंद्र और सोमवार सुबह हुए हमले में पुरानी सब्जीमंडी निवासी आशीष के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पीजीआई थाना प्रभारी एमआई खान ने बताया कि दोनों ही मामलों में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामलों की जांच शुरू कर दी है।
वीसी ने मानी ये मांग
- किसी भी सुरक्षाकर्मी को एकतरफा सुनवाई के बाद नहीं हटाया जाएगा। दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी।
- चार दिन पहले हटाए गए तीन सुरक्षाकर्मियों को वापस काम पर ले लिया जाएगा।
- तीन महीने का बकाया बढ़ा हुआ वेतन जल्द दिया जाएगा।
- आई कार्ड गले में नहीं टांगना पड़ेगा, पर जेब में रखना होगा।
- लड़कियों को हॉस्टल से बाहर जाने व अंदर जाते समय करनी होगी इंट्री।
- रविवार रात व सोमवार सुबह हुई घटनाओं में उचित पुलिस कार्रवाई कराई जाएगी।