गांव गुलावला में पानी की समस्या को लेकर महिलाओं का गुस्सा बुधवार को भड़क उठा। सुबह करीब आठ बजे आक्रोशित महिलाओं ने स्टेट हाईवे को ही जाम कर दिया। इसके चलते हाईवे के दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और सैकड़ों वाहन जाम में फंस गए। जाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने महिलाओं को समझाने का प्रयास किया लेकिन उन्होंने पुलिस की एक न सुनी। महिलाओं की बस एक ही जिद थी कि गांव का सरपंच मौके पर आकर कहे कि गांव में वह पानी की उचित व्यवस्था करेगा तथा इस समस्या से अधिकारियों से निजात दिलवाएगा तभी जाकर हम जाम खोलेंगे। इधर महिलाओं को उबलता गुस्सा और जाम खुलता न देख जनस्वास्थ्य विभाग नारनौल के डीसी गंभीर, नायब तहसीलदार कंवल सिंह, डीएसपी शरीफ सिंह भी मौके पर पहुंचे और महिलाओं को समझाने का हर संभव प्रयास किया लेकिन महिलाएं अपनी बात पर अड़ी रहीं।
आश्वासन के बाद खुला जाम
अधिकारियों ने मौके पर कर्मचारियों को बुलाकर गांव में पानी की समस्या को दूर करने की बात कही। साथ ही अधिकारियों ने महिलाओं को गांव के सरपंच पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया तब जाकर महिलाओं का गुस्सा ठंडा पड़ा और वे जाम खोलने को तैयार हुईं। करीब तीन घंटे तक जाम लगा रहा और यह करीब 11 बजे खुला।
खारे पानी पीने को मजबूर हैं लोग
महिलाओं ने अधिकारियों के सामने अपनी समस्याओं को रखते हुए सरपंच पर आरोप लगाते हुए कहा कि गांव में करीब छह माह से ही पीने के पानी की समस्या है। गांव में खारे पानी की भी समस्या है। सरपंच की ओर से मीठे पानी की लाइन डलवाई गई है लेकिन गांव की दोनों ही सप्लाई में खारा पानी आता है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद सरपंच इस समस्या से निजात दिलाने में कोई दिलचस्पी नहीं ली। साथ ही अधिकारियों के कानों पर भी जूं तक नहीं रेंगती।
जाम में महिलाओं ने दिखाई दिरयादिली
पानी की समस्या को लेकर बेशक महिलाओं ने हाईवे को तीन घंटें जाम किए रखा लेकिन इस बीच किसी भी जरूरी कार्य से जार रहे वाहनों या एंबूलेंस को नहीं रोका गया। महिलाओं ने कहा कि हमें किसी को दुख नहीं पहुंचाना बल्कि अपनी समस्या का समाधान कराना है। जाम के दौरान करीब दस गाड़ियों को निकाला गया।
पुलिस ने भी दिखाई धौंस
जाम के दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने जाम लगाने वाली महिलाओं को धौंस दिखाकर जाम खोलने के लिए कहा लेकिन महिलाओं ने पुलिस की एक न सुनी। महिलाओं ने कहा कि जब तक हमारी समस्या का समाधान नहीं होगा जब तक वे जाम को नहीं खोलेगी चाहे पुलिस उनके साथ जो बर्ताव कर ले।
रोडवेज के खिलाफ छात्रों ने भी हल्ला बोला
बुधवार सुबह करीब आठ बजे जब महिलाएं पानी की समस्या को लेकर जाम लगाई हुईं थी तभी बड़ी संख्या में गांव के छात्रों ने भी अपनी आवाज को बुलंद करते हुए हरियाणा रोडवेज की बसों के ठहराव की भी मांग उठाई। छात्रों ने बताया कि रोडवेज की बसे यहां नहीं रूकती। अगर उन्हें रूकने को कहा भी जाता है तो चालकों का जवाब होता है कि कागजों में गांव गुलावला का कोई बस स्टैंड नहीं है। इसलिए वे बस को यहां नहीं रोक सकते। बस न रूकने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। छात्रों की मांग को लेकर रोडवेज अधिकारी भी मौके पर पहुंचे और छात्राें को उचित आश्वासन दिया तब जाकर गांव के छात्राें ने भी जाम खोला।