शतरंज के बादशाह कहे जाने वाले विश्वनाथन आनन्द भारत का गौरव हैं। अंतरराष्ट्रीय ग्रैंडमास्टर और वर्तमान के विश्व चैंपियन आनन्द कंप्यूटर को भी अपनी तेज दिमाग चालों से हैरान करते आए हैं। 11 दिसंबर 1969 को जन्मे आनंद ने 14 साल की उम्र में 9-9 का स्कोरिंग का रिकॉर्ड बनाया था।विश्वनाथन आनन्द को शतरंज में इतनी महारत है कि वो काफी लंबे से विश्व चैंपियन के पद पर बरकरार हैं। विश्वनाथन आनंद को शतरंज उनकी मां ने खेलना सिखाया। छह साल की उम्र से ही विश्वनाथन आनंद अपनी मां के साथ शतरंज की बिसात पर चालें चला करते थे। आज शतरंज का नाम आते ही लोगों के जेहन में भारत और आनन्द का नाम उभर आता है। आनन्द “अर्जुन अवार्ड”, “राजीव गांधी खेल रत्न”, पद्मश्री, राष्ट्रीय नागरिक पुरस्कार और सोवियत लैंड नेहरू पुरस्कार, “पद्म विभूषण” से नवाजे जा चुके हैं।