यूं तो प्रणब मुखर्जी का नाम वफादार कांग्रेसियों में शुमार किया जाता है लेकिन एक बार पार्टी के फैसले से गुस्सा होकर प्रणब ने कांग्रेस छोड़ दी थी। मामला दरअसल ये है कि 1984 में इंदिरा गांधी की मौत के बाद राजीव गांधी ने पार्टी को संभाला। जब राजीव गांधी प्रधानमंत्री बनाए गए तो प्रणब को मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किया गया था। इससे नाराज होकर प्रणब दा ने कांग्रेस छोड़कर राष्ट्रीय समाजवादी कांग्रेस नाम के अपने दल का गठन किया था। उनके इस कदम से कांग्रेस अवाक रह गई थी। लेकिन पीवी नरसिंहा राव ने प्रधानमंत्री बनने पर उन्हें योजना आयोग का उपाध्यक्ष बनाकर फिर से कांग्रेस पार्टी में शामिल कर लिया।
प्रणब मुखर्जी को राष्ट्रपति बनने पर शुभकामनाएं भेजें।