ये सभी घटनाएं प्रतीक हैं हिंदू युवतियों की दुर्दशा की जिसकी कसक हर हिंदू भोगता है। हिंदू युवतियां पाकिस्तान के दहशतगर्द दबंगों के लिए आसान टारगेट हैं। हिंदुओं की दुखती रग पर हाथ रखना कितना आसान। उन्हें बेइज्जत और जलील करना कितना सहज। किसी की बेटी उठा लो और कलीमा पढ़वा कर निकाह करा दो। हिंदू दुखी लेकिन आस पड़ोस के सब लोग खुश। चलो एक और मुसलमान बढ़ा। मामला अगर अदालत में पहुंचा तो हिंदू के लिए कानून में कुछ खास रियायत नहीं है। दरअसल पाकिस्तान के कानून में मुसलमानों के लिए जितनी रियायतें है उतनी अल्पसंख्यकों के लिए नहीं।
सवाल - क्या आपको लगता है कि पाकिस्तान में हिंदुओं की बदहाली के लिए सरकार जिम्मेदार है। क्या सभी हिंदुओं को भारत में जगह मिलनी चाहिए?