2008 में पॉल अपने पिता की बनाई गई कारुण्या यूनिवर्सिटी और जीसस कॉल्स नामक संस्था के सर्वेसर्वा बन गए। पॉल दिनाकरन अपने प्रवचनों से ईसा मसीह की कृपा बरसाने का दावा करते हैं और इस काम में उनके परिवार के बाकी सदस्य भी शामिल हैं। पॉल दिनाकरन का सालाना टर्नओवर 5 हजार करोड़ से ज्यादा का है। पॉल बाबा भारत सरकार की नेशनल मॉनिटरिंग कमेटी फॉर माइनॉरिटी एजुकेशन के सदस्य भी हैं। पॉल का एक 24 घंटे का चैनल रेनबो भी है।
संत बनकर समाज का शोषण करते हैं बाबा
पॉल अकेले नहीं है जो धर्म के नाम पर पैसा बटोरते हैं। पूरे देश में कई ऐसे बाबा हैं जो सत्संग, इलाज और मोक्ष के नाम पर समाज को लूट रहे हैं। इन बाबाओं के नाम पर अकूत संपत्ति है। कई के खिलाफ आपराधिक मामले चल रहे हैं तो कुछ के खिलाफ दीवानी मामले। कुल मिलाकर इन बाबाओं की छवि खराब हो चुकी है।