अगर आप ऑरगेनिक खेती करना चाहते हैं तो ज्यादा कुछ करने की जरूरत नहीं। जमीन में बिना रासायनिक खाद का इस्तेमाल किए गाय का गोबर डाले ताकि जमीन में केंचुओं और जीवाणुओं की संख्या बढ़े। इससे खेत को उर्वर बनाया जा सकेगा। इसके साथ ही खेत में वनस्पति भी लगाई जाए ताकि उसकी पत्तियां जैव खाद में बदल जमीन और फसल को पोषण दें। कीट नियंत्रण के लिए कीटनाशक की बजाय नीम, हल्दी एवं लहसुन मिलाकर हर्बल स्प्रे बनाया और उसका छिड़काव किया। उधर पक्षियों ने इल्लियों को खाकर निपटा दिया। यही नहीं उनकी बीट यानी विष्टा से जमीन और उर्वर होती है। इस प्रकार की खेती में लागत कम लगेगी और फसल ज्यादा होगी और वो भी बेहद शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक।
आपको चाहिए ये चीजें
कृषि भू्मि में पोषक तत्व (गोबर की खाद कम्पोस्ट, हरी खाद, जीवाणु कल्चर, जैविक खाद आदि) जैव नाशियों (बायो-पैस्टीसाईड) व बायो एजैन्ट जैसे क्राईसोपा आदि का उपयोग किया जा सकता है, जिससे न केवल भूमि की उर्वरा शक्ति लम्बे समय तक बनी रहती है, बल्कि पर्यावरण भी प्रदूषित नहीं होता।
क़ैसे बनाएं अच्छी जैविक खाद
जैविक खाद बनाने के लिए पौधों के अवशेष, गोबर, जानवरों का बचा हुआ चारा आदि सभी वस्तुओं का प्रयोग करें। जैविक खाद बनाने के लिए 10 फुट लम्बा, 4 फुट चौड़ा व 3 फुट गहरा गड्ढा कर लें। सारे जैविक पदार्थों को अच्छी तरह मिलाकर गङ्ढे को भर दें और उसमें पानी डाल दें। अगर इसमें केंचुए डाल देंगे तो सोने पर सुहागा। गड्ढे में इन सभी पदार्थों को 30 दिन के बाद अच्छी तरह पलट लें और अगर पानी कम है तो और डाल दें। ध्यान रहें गड्ढे में उचित मात्रा में नमी होनी चाहिए। पलटने की क्रिया से जैविक पदार्थ जल्दी सड़ते हैं और खाद में पोषक तत्वों की मात्रा बढ़ती है। तीन महीने तक इसे समय समय पर पलटते रहे और तैयार हो जाएगी आपकी जैविक खाद।
क्या आपको लगता है कि कम अन्न उपजाने के बावजूद ऑरगेनिक खेती किसान और जमीन के हित में है। क्या ऑरगेनिक खेती को बढ़ावा देने से किसान का भला होगा?