योग कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ने में भी बेहद मददगार साबित हो सकता है। अमेरिकी शोधकर्ताओं का मानना है कि अगर योग को पोषण शिक्षा से जोड़ा जाए तो कम उम्र के कैंसर मरीजों को इस बीमारी से लड़ने में सक्षम किया जा सकता है।
इसके जरिए वे भविष्य में बेहतर जिंदगी भी जी सकते हैं। अमेरिका के सेंट ज्यूड चिल्ड्रन रिसर्च हॉस्पिटल में सेंट ज्यूड रिहेबिलिटेशन सर्विस की जेसिका स्पैरो ने कहा, ‘हम योग से होने वाले सभी फायदों पर फोकस कर रहे हैं।
इसके जरिए जिंदगी में संतुलन, संयोजन लाकर दर्द को कम किया जा सकता है और जिंदगी को बेहतर बनाया जा सकता है।’ बच्चों को योग सिखाने की ट्रेनिंग ले चुकी जेसिका ने कहा कि योग और न्यूट्रिशियन एक-दूसरे के पूरक हैं।
उन्होंने कहा, ‘हमारा लक्ष्य है कि सांस से जुड़ी एक्सरसाइज को आम जिंदगी में प्रेक्टिस में लाया जाए। इससे टेंशन और दर्द को कम किया जा सकता है।’ प्रत्येक योगा के सत्र के बाद मरीजों को एक शेफ स्वास्थ्यवर्धक खाने के बारे में बताते हैं।
इस दौरान ऐसे खाने का ध्यान रखा जाता है, जो मरीजों को टेस्टी भी लगे और हैल्दी भी हो। शोधकर्ताओं का कहना है कि यह संयोजन कार्यक्रम काफी सफल हो रहा है और कई मरीज इसे घर पर अपना रहे हैं और अस्पताल में भी मरीज योग करने को प्रेरित हो रहे हैं।