जापान की ओसाका यूनीवर्सिटी की नई रिसर्च में पता चला है कि ज्यादा देर तक टीवी देखना जानलेवा साबित हो सकता है। जो लोग रोजाना पांच घंटे टीवी से चिपके रहते हैं उनके लिए खतरा सबसे ज्यादा है।
शोध में बताया गया है कि जो लोग ढाई घंटे भी लगातार टीवी देखते हैं, उनको पल्मनरी एंबोलिज्म नामक बीमारी हो सकती है। इस बीमारी में फेफड़े की धमनियों में रक्त जमने लगता है और समस्या बढ़ने पर मौत तक हो जाती है।
सोर्स-डेलीमेल.को.यूके
18 साल के शोध के चौकाने वाले नतीजे
ओसाका विश्वविद्यालय की टीम ने 18 साल तक इस विषय पर
शोध किया। ये शोध 86 हजार लोगों पर किया गया। इसमें पता चला कि टीवी देखते
वक्त लोग ज्यादातर शिथिल रहते हैं। जिसकी वजह से फेफड़ों में होने वाला
रक्त प्रवाह सबसे ज्यादा प्रभावित होता है। खून जमने लगता है और धीरे-धीरे
समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है।
शोध में बताया गया कि सबसे
ज्यादा पेंनशन पाए लोग इस समस्या से ग्रसित होते हैं। क्योंकि रिटायर होने
के बाद उनके पास ज्यादा काम नहीं रहता है, इसलिए लोग टीवी देखकर मन बहलाते
हैं। इनमें सबसे ज्यादा खतरा उन लोगों को बताया गया है जो 40 से 59 साल की
उम्र के है।
'ज्यादा टीवी न देखें'
शोधार्थी डॉक्टर तोरू शिराकावा की मानें तो पहली बार ये जानकारी सामने आई है। ये वाकई में चौकाने वाली है। उन्होंने कहा कि इससे पहले लंबी हवाई यात्राओं को इस बीमारी की बड़ी वजह माना जाता था। लेकिन अब टीवी देखने से भी ऐसा हो सकता है।
शोध के परिणामों को लंदन में यूरोपियन सोसायटी ऑफ कार्डियोलॉजी कॉन्फ्रेंस में रखा गया। इस कॉन्फ्रेंस में बताया गया कि तकरीबन 60 हजार लोगों की मौत हर साल ब्रिटेन में इस बीमारी के कारण होती है। शोधर्थियों ने इस मौके पर लोगों को सलाह दी कि ज्यादा देर तक टीवी न देखें और न ही लंबी हवाई यात्राएं करें।
अगर ये लक्षण हैं तो सावधान!
शोधार्थियों की मानें तो पल्मनरी एंबोलिज्म को पहचाने के लिए कुछ खास लक्षण तो नहीं हैं लेकिन सीने में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, झटके लेकर सांस लेना, सूखी खांसी होना, खांसी के साथ खून और बलगम आना, चक्कर आना, बेहोश हो जाना आदि कुछ ऐसे लक्षण हैं जिनसे इस बीमारी का अंदाजा लग सकता है।
अगर इनमें से कोई भी लक्षण आपके साथ हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें और जांच करवाएं। घरेलू बचाव के टीवी देखते वक्त बीत-बीच में उठकर टहलना और खूब पानी पीना न भूलें।