शोधकर्ता अब घर की खिड़कियों के बारे में ऐसी तकनीक विकसित कर रहे हैं जिससे लोग अपने घरों में आने वाले सूर्य प्रकाश से होने वाली गर्माहट को कंट्रोल कर सकेंगे।
शोधकर्ताओं के मुताबिक ऐसे मैटेरियल को इजाद कर लिया गया है जिससे जरूरत के मुताबिक खिड़कियों से सूरज की गरमाहट को आने दिया जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर बिना रोशनी के केवल गर्माहट को ही अंदर आने दिया जा सकेगा।
साल 2013 में टेक्सास विश्वविद्यालय के कॉकरेल स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के प्रोफेसर डेलिया मिलीरोन और उनकी टीम ने पहली बार ऐसा इलैक्ट्रोक्रोमिक मैटेरियल विकसित किया जिसमें दो अन्य पदार्थों को मिलाकर दृश्य और गर्मी पैदा करने वाले तत्वों पर नियंत्रण पाया जा सके। शोध करने वाले समूह ने हल्का सा बिजली का झटका देते प्रदर्शन किया कि कैसे एक सूक्ष्म कण वाला मैट्रियल और ऊर्जा के स्वतंत्र नियंत्रण को संक्षम किया जा सकता है।
जरूरत के हिसाब से खिड़किया रखेंगी घरों के तापमान का खयाल
मिलिरोन और उनकी टीम, कॉकरेल स्कूल ऑफ इंजीनियरिंग के शोधार्थी जोंगवुक किम और लॉरेंस बर्कले नेशनल लैब के कोलाबोरेटर ब्रेट हेल्म्स ने इलैक्ट्रोक्रोमिक मैटेरियल के लिए ऐसे सूक्ष्म सयंत्र को विकसित किया, जो ठंडे मोड के जरिए नियर इंफ्रारेड लाइट को अवरोधित कर सूर्य की किरणों से आने वाली रोशनी को आने दे सकता था।
जरनल नैनो लेटर्स में छपे शोधार्थिंयों के लेखों के मुताबिक ये तकनीकि इमारतों और घरों को ठंडा रखने में प्रयोग आने वाली प्रणाली की लागत के मुकाबले किफायती थी।
मिलिरोन ने कहा कि हमें यकीन है कि हमारी नई तकनीकि ने एक आदर्थ डिजाइन और सयंत्र तैयार किया है। उन्होंने कहा कि ये मैटेरियल इमारतों के लिए स्मार्ट इलैक्ट्रोक्रोमिक खिड़कियों के लिए आदर्श है।
दूसरे अध्ययन में मिलिरोन और उनकी टीम, कॉकरेल स्कूल के स्नातक छात्र क्लेटोन डलमैन ने दिखाया कि कैसे एकल घटक फिल्म और अच्छी तरह से तैयार की गई खिड़कियों पर ऑप्टीकल कंट्रोल पाया जा सकता है।
घरों की शान में चार चांद लगा देंगी ये खिड़कियां
इस सिद्धांत में साधारण आवरण का इस्तेमाल किया गया जो नए गर्म मोड को उत्पन्न करता है, जिससे सू्र्य प्रकाश को रोककर नियर इंफ्रारेड प्रकाश को अंदर आने दिया जा सकता है।
सर्दियों में धूप के दिनों के दौरान जब सूरज के अवरक्त विकरण के जरिए घर में गर्माहट की जरूरत थी और धूप से आने वाले कम प्रकाश की जरूरत थी तो ये तरीका नायाब साबित हुआ। इस अध्ययन में, अमेरिकन केमिकल सोशायटी के पत्र में छपे लेख के मुताबिक मिलिरोन ने दिखाया कि एक आवरण चढ़ाए गए कंपोनेट पर टिटैनिया नैनोक्रिस्टल डालने पर सौर विकिरण के संप्रेषण पर नियंत्रण पाया गया।
दो अलग चार्ज करने के यंत्रों के जरिए पाया गया कि अलग-अलग वोल्टेज देने पर ये पदार्थ दृश्य और अवरक्त विकरण को नियंत्रित कर सकता है।