परीक्षा में अच्छे नंबर लाने हो या फिर कक्षा में अव्वल आना हो, जो किशोर रात भर जागकर पढ़ाई करते हैं वे अब अपनी इस आदत को बदल ही लें तो अच्छा होगा।
हाल में हुए एक शोध की मानें तो जो किशोर सुबह में अच्छी नींद लेते हैं और दिन में नहीं सोते, उनका दिमाग अधिक सक्रिय रहता है और वे पढ़ाई में बेहतर प्रदर्शन देते हैं।
जर्नल ऑफ डेवलपमेंटल एंड बिहेवियरल पेडियाट्रिक्स में प्रकाशित शोध की मानें तो सुबह में थोड़ा अधिक सोने और दिन में न सोने वाले किशोरों को अवसाद, मूड में बदलाव, नशे आदि की आशंका कम होती है।
ब्रैडले हास्ब्रो चिल्ड्रेन्स रिसर्च सेंटर की शोधकर्ता जूली बर्जर के अनुसार, ''कम नींद का किशोरों के मानसिक व शारीरिक विकास पर बहुत नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। हमने शोध में पाया कि बहुत सुबह उठने वाले जो बच्चे सुबह की शिफ्ट वाले स्कूल में पढ़ने जाते हैं, उनकी अपेक्षा दिन की शिफ्ट वाले किशोरों का प्रदर्शन बेहतर होता है।''
शोधकर्ताओं ने यह भी माना कि कम नींद लेने की भरपाई कसरत या सैर से कतई नहीं हो सकती है क्योंकि नींद हर तरह के स्ट्रेस को दूर करें दिमाग को ताजगी देने में मददगार है।