दो कटोरी पीसे चावल, दो मुट्ठी गेहूं का आटा, दो कटोरी मांह की दाल, आधा चम्मच यीस्ट, स्वादानुसार लाल मिर्च पाउडर, एक प्याज (बारीक कटा), हरी मिर्च (बारीक कटी), एक बड़ा चम्मच हरा धनिया कटा हुआ, नमक स्वादानुसार।
विधि
पीसे हुए चावल को एक गिलास उबलते पानी में डालकर घीमी आंच पर लगभग दस मिनट तक पकाएं।
चूल्हे से उतारने के बाद इसमें यीस्ट और थोड़ा गेहूं का आटा मिलाकर गूंथें।
गूंथने के बाद इसे दो घंटे के लिए ढंककर छोड़ें। धूली मांह की दाल को छह घंटे पहले भिगो दें।
फिर उसे मिक्सी में पीसें। पीसी हुई दाल में प्याज, हरा धनिया, लाल मिर्च, नमक, हरी मिर्च मिलाएं।
अब गूंथे हुए आटे की कटोरियां बनाकर उसमें भरावन की सामग्री डालें और इसे बंद कर दें। तैयार सिडू को मनचाहा डिजाइन दें।
अब लगभग 15 मिनट तक भाप पर इसे पकाएं। तैयार सिडू को गर्मागर्म ही घी के साथ परोसें।
चावल के व्यंजनों की थीम पर आधारित यह ‘रूपायन रसोई की रानी’ प्रतियोगिता की विजेता शिमला निवासी वर्षा मेहता रंजता की खास रेसिपी है जो इस प्रतियोगिता की तीन विजेताओं में से एक हैं।
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