हम में से कई लोग साथ करियर में कम से कम एक बार तो ऐसा हुआ है कि हम अपने बॉस को ख़ासा नापसंद करते हों।
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बॉस यदि सभी के सामने बुरा या रूड कमेंट कर दे तो ख़ास गुस्सा आ जाता है। ऐसी सूरत में कई लोग बॉस के बारे में रोष भरी प्रतिक्रिया भी जताते हैं।
लेकिन कुछ तो ऐसे भी होते हैं जो अपने बॉस से बदला लेने की ठान लेते हैं!
बीबीसी कैपिटल ने सवाल-जवाब की साइट क्योरा से बॉस से बदला लेने की कुछ कहानियों के बारे में जानकारी मांगी। कुछ लोगों ने बहुत ही दिलचस्प जवाब भेजे।
दुनिया की कम से कम बड़ी कंपनियों में तो अब प्रबंधन समझ गया है कि अधिकारियों को अपने नीचे काम करने वाले कर्मचारियों से सम्मान के साथ पेश आना चाहिए।
बॉस का भाषण हुआ उलटा-पुलटा
कैलिफोर्निया की एक बड़ी फार्मेसी कंपनी में काम करने वाल ग्रेग एल एलस्टन का उदाहरण दिलचस्प है।
उनके यहां एक ऐसा शख्स प्रेसीडेंट बनकर आए जो सार्वजनिक तौर बहुत खराब वक्ता था, लेकिन उसके काम में शामिल था कि वो 500 कर्मचारियों को संबोधित करे। हालाँकि बॉस पब्लिक स्पीकिंग यानी भाषण देते से बहुत घबराता था।
एक बार कई कार्ड्स पर लिखे अपने भाषण को बॉस ने सहायक को दिया और कुछ साहस जुटाने के लिए एक-दो ड्रिंक्स लेने चला गया। सहायक ने ग़लती से या जानबूझकर कार्ड्स का सीक्वेंस बदल दिया।
एलस्टन के अनुसार, "बॉस ने अपने भाषण के कार्ड्स लिए और स्टेज पर चढ़ गए। थोड़ा सा असर तो नशे का भी था। उन्होंने बोलना शुरु किया और सभी कर्मचारियों की नज़र उन पर होने से थोड़ा असहज होने के कारण, ये नहीं समझ पाए कि जो वो बोल रहे हैं, उसमें पिछली बात का अगली बात से कोई तालमेल, जुड़ाव है ही नहीं।"
एलस्टन ने बताया, "बॉस मंच पर चढ़े हुए कार्ड्स में लिखा भाषण पढ़े चले जा रहे थे लेकिन इस बात का उन्हें एहसास नहीं हो रहा था कि भाषण का कोई मतलब नहीं निकल रहा है। जल्द ही उनकी विदाई हो गई।"
'भाग्य ने ही बदला ले लिया'
स्कूल में पढ़ने के दौरान जमार जॉनसन को नज़दीक की एक सैंडविच शॉप में नौकरी मिली लेकिन सुपरवाइजर को ख़ुश करना तो जैसे बहुत ही टेढ़ी ख़ीर थी।
जॉनसन के बनाए सैंडविच में वो खामियां निकालता था, ग्राहकों से बातचीत में कितना समय लगाया, इसका भी हिसाब करता था और बार-बार पूछता रहता था - 'ये सैंडविच कैसे बनाओगे, वो कैसे बनाओगे।'
उसने जॉनसन को कैश रजिस्टर छूने से मना कर रखा था। एक दिन जब जॉनसन ने कॉलेज में नामांकन के लिए आवेदन किया तो सुपरवाइजर ने उसे नौकरी से निकालने की धमकी दे डाली।
आख़िर में तंग आकर जॉनसन ने काम करना बंद कर दिया, लेकिन ये प्रतिज्ञा ती कि वह एक दिन बदला ज़रूर लेगा।
जॉनसन ने बताया, "कई साल बाद 2010 में मैं अपने पुराने नियोक्ता की दुकान के पड़ोस में गया हुआ था। ऐसे में मैंने सैंडविच शॉप पर जाने का फ़ैसला किया। हैरानी से, वो व्यक्ति मुझे वहाँ मिल गया, जिसने मेरी ज़िंदगी को नरक बना दिया था।"
जॉनसन कहते हैं, "उसने मुझे तुरंत पहचान लिया। लेकिन वह अपनी उम्र से कहीं ज्यादा बूढ़ा नज़र आ रहा था। मुझे लगा कि उसने इन सालों में अपने जीवन में काफी कुछ झेला है।"
जॉनसन आगे बताते हैं, "हमने आपस में बातचीत की और उसने मेरा सैंडविच बनाया। खाना खत्म होने के बादे मैं जल्दी से उसे गुडबॉय कहता हुआ निकल आया। मैंने चाहते हुए भी उसे कुछ नहीं कहा क्योंकि मुझे लगा कि भाग्य और कर्म ने ही उसके साथ इतना बुरा किया है कि मुझे अपना मुंह बंद ही रखना चाहिए।" जैसे कुदरत ने ही, जॉनसर के हिस्से का बदला ले लिया हो!
न्यूयॉर्क के मैनहैटन में एबी डियाज़ ने कई टॉप रेस्त्रां में काम किया जहाँ वीआईपी कस्टमर आया करते थे। अपने चार साल के काम के दौरान उन्होंने ख़ासी 'यातनाएँ' सहीं क्योंकि कर्मचारी के लिए मैनेजमेंट और कस्टमर दोनों को ख़ुश रखना उस इंडस्ट्री का जैसे पहला नियम होता है।
जब यातना भरे अनुभव उन्होंने विस्तार से किताब में लिख डाले तो जैसे तूफ़ान खड़ा हो गया।
किताब के छपने और बिकने के बाद उनके नियोक्ता ने अब कर्मचारियों से गोपनीयता संबंधी अनुबंध पर हस्ताक्षर कराना शुरु कर दिया है।
डियाज़ ठहाका लगाते हुए कहती हैं, "चाहे जो भी करें, किताब पढ़ने वाले और अन्य लोग मुझे अब भी ख़ासी संख्या में प्रशंसा भरे पत्र और थैंक यू नोट भेजते रहते हैं।"