अगर आपके दफ्तर में एयर कंडिशनर के कारण खिड़की कभी खुलती नहीं है तो यह आपके सेहत के लिए खतरे की एक वजह हो सकता है।
हाल में हुए शोध की मानें तो जिन दफ्तरों में खिड़की नहीं होती है, उनके कर्मचारियों को नींद से जुड़ी समस्याओं का रिस्क अधिक होता है।
ताइवान और शिकागो के तीन विश्वविद्यालयों द्वारा किए गए शोध में माना गया है कि बिना खिड़की वाले कमरे में काम करने वाले लोगों को रात में नींद 46 मिनट कम आती है।
और क्या है खतरें
जर्नल ऑफ क्लीनिकल स्लीप मेडिसिन में प्रकाशित हुए इस शोध में यह भी माना गया है कि नींद पूरी न हो पाने के कारण ऐसे कर्मचारियों को फोकस, तनाव जैसी समस्याओं का भी रिस्क अधिक होता है।
शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के दौरान प्रतिभागियों से उनके सोने के तरीके, जीवनशैली और शारीरिक गतिविधियों से जुड़े पहलुओं पर अध्ययन किया है।
खिड़की होने से क्या है फायदा
शोधकर्ताओं का मानना है कि जिन कमरों में खिड़की होती है, वहां दिन में पर्याप्त रोशनी होती है जिससे बॉडी क्लॉक सामान्य होती है और सोने व उठने में दिक्कत नहीं होती।
इतना ही नहीं, उन्होंने यह भी माना कि जिन लोगों की सीट खिड़की के पास होती है, उनकी नींद अधिक पक्की होती है।