कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जगमीत सिंह बराड़ एक बार फिर विवादों में घिर सकते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया और उपाध्यक्ष राहुल गांधी को दो साल का ब्रेक लेने की सलाह देने वाले बराड़ ने एक फिर दोनों पर वार किया है।
अपने पहले के बयान से एक कदम आगे बढ़ते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस में सामान्य पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ आवारा कुत्तों जैसा व्यवहार किया जाता है। साथ ही उन्होंने कहा कि अब पार्टी में सुधार की जरूरत है।
फिर बोला बराड़ ने हमला
इसके लिए सोनिया और राहुल को भारत भ्रमण करने की सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी के संचालन की कमान कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा को संभालनी चाहिए। बराड़ ने अपनी भड़ास निकालते हुए कहा कि पार्टी में निर्णय लेने वालों ने अपने दिमाग में ताला लगा लिया है।
कांग्रेस छोड़ने के सवाल पर उन्होंने कहा कि सारी जिंदगी उन्होंने पार्टी को दे दी। वह 20 साल की उम्र से पार्टी में है। पंजाब में आतंकवाद से लड़ाई लड़ी है। अब हाईकमान के पाले में गेंद है। उनके साथ कैसा सलूक किया जाता है। ये उन पर निर्भर है।
चुनिंदा सलाहकारों की चौकड़ी को दोषी ठहराया
उन्हें (हाईकमान) अपनी प्रतिष्ठा और सम्मान पर ज्यादा जोर नहीं देना चाहिए। गांधी परिवार के इर्द गिर्द काबिज चुनिंदा सलाहकारों की चौकड़ी को दोषी ठहराने के सवाल पर बराड़ ने कहा कि इतिहास गवाह है कि किसी भी लोकतंत्र में कुछ गिने चुने लोगों को कभी भी सत्ता की ताकत का हस्तांतरण नहीं किया जाता। ऐसा करने पर सत्ता में भ्रष्टाचार बढ़ता है।
सोनिया और राहुल को दो साल की छुट्टी पर जाने और आराम करने की सलाह देने के सवाल पर सफाई देते हुए कहा कि काफी सोच विचार के बाद उन्होंने एक अगस्त को एक प्रेस नोट लिखा और खुद निजी तौर पर इसे लोकसभा की प्रेस गैलरी में बांटा।
कई पत्रकारों ने उनके प्रेस नोट को पढ़ा। इस नोट में उनकी ओर से उठाए गए कई असल मुद्दों को तो अखबारों में प्रकाशित भी नहीं किया। छुट्टी और ब्रेक जैसी बात किसी और के दिमाग की उपज है। उनके दिमाग की उपज नहीं है।
प्रियंका पर भी साधा निशाना
कांग्रेस नेता बराड़ ने सोनिया और राहुल के साथ ही प्रियंका गांधी वाड्रा पर भी निशाना साधा है। प्रियंका को पार्टी में बड़ी जिम्मेदारी सौंपे जाने की खबर पर उन्होंने कहा कि सोनिया और राहुल बेहद चतुर हैं।
जब भी किसी राज्य और नेताओं के बीच संकट आता है तो पार्टी प्रियंका को आगे कर देती है और वह पर्दे के पीछे रहकर समस्या का समाधान करती हैं।
खुद उनको (बराड़) इसका निजी अनुभव है लेकिन वह इसका कभी खुलासा नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि सोनिया, राहुल और प्रियंका तीनों दिल और दिमाग से एक समान हैं।