गर्मियों में बेल का शरबत न सिर्फ आपको भीतर तक ठंडक और ताजगी से भर देता है बल्कि सेहत से जुड़ी कई समस्याओं को भी दूर करता है।
इसमें 31.8 ग्राम कार्बोहाइड्रेट, 0.3 ग्राम फैट्स, 1.8 ग्राम प्रोटीन, विटामिन ए,बी,सी, थाइमाइन, राइबोफ्लोबिन, 85 मिलीग्राम कैल्शियम, 600 मिलीग्राम पोटैनिशयम, 2.9 ग्राम फाबिर, 61.5 ग्राम फाइबर और 137 के कैलोरी ऊर्जा है।
हालांकि गर्भावस्था में इसका सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक भी हो सकता है।
जानिए, गर्मियों में बेल के शरबत से मिलने वाले सेहत से जुड़े सात बड़े फायदों के बारे में।
डायरिया, हैजा और चर्मरोगों में फायदेमंद
बेल में मौजूद तत्व - टैनिन डायरिया और हैजा के उपचार में मददगार है। बेल के पाउडर का इस्तेमाल आयुर्वेद में इन रोगों से बताव में मददहार है। वहीं कच्चे बेल का पल्प विटिलिगो के इलाज में भी मददगार हो सकता है।
गैस्ट्रिक अल्सर में फायदेमंद
बेल में कुछ फेनोलिक तत्व हैं जिनमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स गैस्ट्रिक अल्सर ठीक करने में मददगार हैं। इतना ही नहीं, इसके सेवन से पेट में एसिड का संतुलन भी बना रहता है।
संक्रमण से दूर रखता है
कई शोधों में प्रमाणित हो चुका है कि बेल में कई तरह के एंटीमाइक्रोबियल गुण हैं जो शरीर को संक्रमण से मुक्त रखने में मददगार हैं।
कोलेस्ट्रॉल पर नियंत्रण
बेल के पत्तों में मौजूद अर्क का का सेवन कोलेस्ट्रॉल का स्तर कम करने में मददगार हो सकता है। आयुर्वेद में इसकी मदद से कॉलेस्ट्रॉल कम किया जाता है।
श्वास संबंधी रोगों में फायदेमंद
आयुर्वेद में बेल से निकलने वाले तेल का इस्तेमाल दमा और श्वास से जुड़े रोगों के उपचार में किया जाता है।
दिल के लिए फायदेमंद
बेल के रस को घी के साथ मिलाकर थोड़ी मात्रा में नियमित रूप से लेने पर दिल से जुड़े रोगों से बचा जा सकता है। बेल के शरबत के सेवन से स्ट्रोक के खतरे से बचाव संभव हो सकता है।
डायबिटीज में फायदेमंद
बेल में लेक्साटिव का स्तर अधिक होता है जो शरीर में ब्लड शुगर के स्तर को नियंत्रित करते हैं। यह शरीर में इन्सुलिन बनाने में मददगार है जिससे डायबिटीज मे आराम मिलता है।