नदिया किनारे निमिया रोपल उजे अशह-बिशह निमिया पसरल। ताहि तर खाड़ भेल बेटी सुनयना बेटी हे। काहे बेटी तोरा मुखहूं मलिन भेल हे।
लोकगीतों में नीम, शादी के उबटन में शामिल नीम, ससुराल जाती लड़की की यादों में बसा नीम, विरहा के यादों का साथी नीम, आयुर्वेद में महत्वपूर्ण स्थान रखनेवाला नीम हमारे रोजमर्रा की जिंदगी में बहुत ही उपयोगी माना जाता है। लोक गीतों में इसकी ठंडी छांव की तुलना तो माता-पिता के प्यार से की जाती रही है।
बचपन की ढेर सारी यादों में बसा नीम। स्कूल से लौटते हुए नीम की सूखी पत्तियों को अपनी कॉपी के पन्नों पर गिरने की कामना लिए घंटों खड़े रहते सब सहपाठी, और जैसे ही कोई पत्ती किसी बच्चे की कॉपी पर गिरती मान लेते कि पढ़ाई में इस बार तो वही अव्वल आएगा।
सिर्फ अनुभूति के स्तर पर ही नीम अप्रतिम नहीं है, उसकी औषधीय महत्ता छाल, टहनी, दातुन, पत्तियां, निबौरिया, फूल इन सबके रूप में प्रकट होती है।
सच ही है जिस घर में नीम का एक पेड़ है। वहां से बहुत सारी बीमारियां तो अपने-आप दूर हो जाती हैं। नीम से जुड़े छोटे-छोटे नुस्खे जिन्हें अपनाकर हम बीमारियों से काफी हद तक छुटकारा पा सकती हैं।