वजन घटाना हो या सेहतमंद डाइट, फलों का जूस अगर आप जरूरत से ज्यादा लेते हैं तो इसका नुकसान भी जान लें।
हाल में ब्रिटिश सरकार ने डाइट संबंधी नए दिशानिर्देश जारी करने पर विचार कर रही है जिसमें उन्होंने फलों के जूस को सेहतमंद डाइट की सूची में नहीं शामिल किया है।
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कैंब्रिज के मेडिकल रिसर्च काउंसिल ह्यूमन न्यूट्रिशन रिसर्च युनिट की प्रमुख सुजैन जेब ने संडे टाइम्स को बताया, ''फलों के जूस में जिस मात्रा में शक्कर मौजूद है, इसे सेहतमंद नहीं माना जा सकता है। पेट में जाने के बाद क्या फर्क पड़ता है कि आप कोका कोला पी रहे हैं या फिर ऑरेंज जूस।''
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उन्होंने माना कि फलों का जूस पीने से ज्यादा सेहतमंद फल खाना है और अगर कोई जूस ही पीना चाहता है तो उसमें पानी मिलाकर पीना सही तरीका है।
जूस कितना सेहतमंद है, इसे लेकर कई शोध हो चुके हैं। यूनिवर्सिटी ऑफ नॉर्थ कैरोलीना के शोध में फलों के जूस को मोटापा घटाने की जगह बढ़ाने का जिम्मेदार माना गया है।
वहीं कुछ समय पहले टेस्को कंपनी के एक अध्ययन की मानें तो फलों का जूस पीने के एक मिनट के भीतर ही आप 150 कैलोरी बढ़ा लेते हैं।
शोधकर्ता व न्यूट्रिशनिस्ट कैथरीन मैथ्यूज़ ने डेलीमेल को बताया कि जूस में फलों के फाइबर खत्म हो जाते हैं और शुगर अधिक रहता है जिससे पोषण भरपूर मिले या न मिले लेकिन कैलोरी तेजी से बढ़ती हैं।