कुछ लोग ऐसे होते हैं जो जहां भी जाएं झट से दोस्त बना लेते हैं। वहीं कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने परिवार के बीच भी अपना मन पूरी तरह नहीं खोल पाते हैं। क्या आपने कभी सोचा है इसकी वजह क्या है?
हाल में एक अध्ययन में इस बात का पता चला है कि बहिर्मुखी और अंतर्मुखी व्यक्तित्व के पीछे आखिर क्या वजह होती है। ह्यूमन न्यूरोसाइंस जर्नल में प्रकाशित शोध के अनुसार, कुछ लोगों के शरीर में डोपमाइन नामक फील गुड केमिकल की आवश्यकता अपेक्षाकृत तेजी से पड़ती है, इस वजह से वे बाहरी गतिविधियों में अधिक सक्रिय होकर सुख खोजते हैं।
शोधकर्ताओं ने यह भी माना कि बहिर्मुखी और अंतर्मुखी व्यक्तित्व वाले लोगों के मस्तिष्क की क्रियाएं अलग-अलग होती हैं। बहिर्मुखी लोगों का मस्तिष्क अधिक से अधिक चेहरों और उनके भावों पर केंद्रित होता है जबकि अंतर्मुखी लोगों का मस्तिष्क विवरण पर अधिक केंद्रित होता है, इसी वजह से इनके व्यवहार में भिन्नता होती है।
शोध के दौरान बहिर्मुखी व अंतर्मुखी व्यक्तित्व वाले 70 लोगों का व्यक्तित्व परीक्षण किया गया और पाया गया अलग-अलग मानसिक क्रियाओं के लिए डोपमाइन जैसे फील गुड केमिकल की जरूरत के लिए उनका मस्तिष्क अलग-अलग तरह की क्रियाएं करता है।
शोधकर्ताओं का दावा है कि इस जानकारी के बाद अब एडीएचडी और हाइपर एक्टिविटी जैसे मानसिक रोगों के उपचार में काफी मदद मिल सकती है।