अगर आप गुस्से और तनाव में हैं, तो तमाम तरह की महंगी थेरेपी की बजाय खुद को रिलैक्स करने के लिए रंगों का सहारा ले सकते हैं।
अमेरिका के वूडब्रिज के एक रिटायर्ड सर्जन बर्नी सीगल के अनुसार ′कलर करने से अचेतन मन चैतन्य हो जाता है और हम किन कारणों से परेशान हैं, यह भी जाहिर हो जाता है।
डॉ. सीगल अपने कैंसर के मरीजों से जुड़ने के लिए रंगों का सहारा लेते थे। उनके कुछ मरीज काला और लाल रंग से कलर करते थे, जिसका मतलब होता है जहर। वो बताते हैं कि ऐसे मरीजों का हाथ थामे जाने की जरूरत होती थी।