उत्तरी अमरीका के जंगलों में मिलने वाला फल 'ब्लैकबेरी' कैंसर के इलाज में मददगार हो सकता है।
'क्लीनिकल पैथालॉजी' में प्रकाशित एक अध्ययन में वैज्ञानिकों ने कहा गया है कि क्लिक करें कैंसर कोशिकाओं को नष्ट करने वाली परंपरागत दवाओं के साथ मिलाने से ब्लैकबेरी अच्छा असर डाल सकती है।
यूनिवर्सिटी ऑफ़ साउथम्पटन और लंदन के किंग्स कॉलेज हास्पिटल के शोधकर्ताओं ने ब्लैकबेरी के तत्व का अग्नाशय कैंसर से नमूनों पर परीक्षण किया।
अग्न्याशय के कैंसर का इलाज बहुत मुश्किल होता है। इसमें बीमारी का पता लगने के बाद मरीज़ औसतन छह महीने ही जीवित रह पाता है।
अध्ययन में देखा गया कि जब ब्लैकबेरी के तत्व को कीमोथेरेपी में प्रयोग होने वाली दवा जीमेक्टाबाइन के साथ मिलाकर दिया गया, तो अधिक कैंसर कोशिकाएं नष्ट हुईं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह से ब्लैकबेरी का सामान्य कोशिकाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।
उनका मानना है कि इसमें पाया जाने वाला पॉलीफ़िनाल्स नाम का पदार्थ नुक़सानदायक कोशिकाओं को कम करता है।
कैंसर रिसर्च यूके के हेनरी स्कोक्रॉफ़्ट कहते हैं, ''प्रयोगशाला में हुए छोटे से इस अध्ययन के आधार पर यह कहना बहुत जल्दबाज़ी होगी कि ब्लैकबेरी के तत्व का अग्नाशय कैंसर के मरीज़ पर कोई प्रभाव पड़ेगा।''