अब दसवीं में पंजाबी पढ़ने वाले छात्र भी सीटीयू में कंडक्टर बन सकेंगे।
चंडीगढ़ प्रशासन ने लंबे समय से चली आ रही मांग को स्वीकार करते हुए सीटीयू में कंडक्टरों की भरती को लेकर चंडीगढ़ मोटर व्हीकल्स रूल्स, 1990 में संशोधन किया है।
इस बारे में चंडीगढ़ के गृह सचिव अनिल कुमार ने अधिसूचना जारी कर दी है।
संशोधन के बाद नए नियमों के तहत स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी ने आठवीं में हिंदी और दसवीं में पंजाबी पढ़ी है, तो वह सीटीयू में कंडक्टर की भरती के लिए आवेदन कर सकता है।
इसके साथ ही दसवीं में हिंदी पढ़ने वाले भी सीटीयू में कंडक्टर की भरती के योग्य होंगे। अभी तक सिर्फ दसवीं में हिंदी पढ़ने वाले ही सीटीयू में कंडक्टर की भरती के लिए आवेदन कर सकते थे।
शिरोमणि अकाली दल ने भी दसवीं में पंजाबी पढ़ने वालों को सीटीयू में कंडक्टर की भरती के लिए अयोग्य करने पर विरोध जताया था। इसे पंजाबी भाषा पर हमला बताते हुए कई अन्य संगठन भी इस नियम का विरोध कर चुके हैं।
महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण
ध्यान रहे कि सीटीयू में 246 बस कंडक्टरों की भरती की प्रक्रिया चल रही है। इनमें 33 फीसदी पद महिलाओं के लिए आरक्षित हैं।
चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से पहली बार यह पद आरक्षित किए गए हैं। 246 में से 88 पद सामान्य वर्ग और 87 ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए हैं।
आवेदन करने की अंतिम तिथि पहले 26 अगस्त थी, जिसे अब 13 सितंबर कर दिया गया है। ऐसे में अब दसवीं में पंजाबी पढ़ने वाले भी इन 246 पदों के लिए आवेदन कर पाएंगे।
ऑन लाइन करना होगा आवेदन
इसके लिए ऑनलाइन आवेदन करना होगा। सीटीयू कंडक्टरों की भर्ती के लिए प्रशासन पहले लिखित परीक्षा लेगा। यह परीक्षा पास करने वालों की मेरिट सूची बनाई जाएगी।
लिखित परीक्षा में मेरिट के आधार पर ही फाइनल सेलेक्शन होगा। इस बार इंटरव्यू कंडक्ट नहीं किया जाएगा। दो साल पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने 127 कंडक्टरों की भर्ती के लिए विज्ञापन निकाला था।
बाद में घोटाले का खुलासा होने पर प्रशासन ने इस भरती प्रक्रिया को रद्द कर दिया था।