बीते शुक्रवार को फ्रांस की राजधानी पेरिस आतंकी हमलों से दहल गई। आतंकी संगठन आईएसआईएस ने इस हमले की जिम्मेदारी ली। इस मुसीबत की घड़ी में सरकार ही नहीं, बल्कि कई टेक कंपनियों ने भी मदद की भरसक कोशिशें कीं।
लोगों की तरफ मदद का हाथ बढ़ाने वाली कंपनियों में ही एक नाम है 'फेसबुक'। फेसबुक ने इस हमले के बाद एक सेफ्टी चेक फीचर एक्टिवेट किया, जिसके जरिए लोग अपने परिजनों को यह बता सकें कि वे सुरक्षित हैं।
हालांकि, फेसबुक की तरफ से बढ़ा मदद का ये हाथ आलोचनाओं में घिर गया। सोशल मीडिया पर लोगों की तरफ से तीखी टिप्पणियां आने लगीं कि फेसबुक ने पेरिस हमले में के लिए सेफ्टी चेक फीचर एक्टिवेट किया, लेकिन अन्य घटनाओं के लिए क्यों नहीं?
लोगों का कहना था कि कुछ दिन पहले ही बेरुत में हुई बमबारी और उससे पहले केन्यान यूनिवर्सिटी में हुए कत्लेआम के बाद फेसबुक से सेफ्टी चेक फीचर एक्टिवेट क्यों नहीं किया?