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मोदी सरकार ने दिग्गजों को दरकिनार कर सरेशवाला को बनाया चांसलर

Tue, 22 Sep 2015 01:04 PM IST
एजेंसी / नई दिल्ली
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मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय के चांसलर पद के लिए सरकार के पास अमिताभ बच्चन, गुलजार और अजीम प्रेमजी जैसे दिग्गज नाम थे लेकिन इन सभी पर जफर सरेशवाला को प्राथमिकता दी गई।
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जफर लोकसभा चुनाव अभियान के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तरफ से प्रमुख मुस्लिम चेहरा थे। आरटीआई से मिली जानकारी के अनुसार विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने छह नामों पर विचार किया था।

जफर के साथ अभिनेता अमिताभ बच्चन, लेखक गुलजार, विप्रो के चेयरमैन अजीम प्रेमजी, पूर्व मुख्य न्यायाधीश एएम अहमदी और sदेश के पहले मुख्य सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्लाह के नाम एक दिसंबर 2014 को मानव संसाधन विकास मंत्रालय के पास भेजे गए थे।
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कार डीलर है सरेशवाल

चांसलर की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा तीन साल के लिए की जाती है, जो विश्वविद्यालय के विजिटर भी हैं। जानकारी के मुताबिक कार्य परिषद ने आठ नवंबर 2014 की बैठक में कुछ नाम प्रस्तावित किए थे और इस बारे में मंत्रालय को बताने के लिए कुलपति को अधिकृत कर दिया था।

मंत्रालय ने यह कहकर सरेशवाला के नाम पर मुहर लगाई कि वह युवा और उद्योग का मिश्रण हैं तथा उनके नेतृत्व से संस्थान को फायदा हो सकता है। बता दें कि सरेशवाला गुजरात में कार डीलर हैं।

आश्चर्यजनक रूप से इस नोट के साथ यह भी लिखा गया है कि तीन या अधिक नामों के एक पैनल की अनुशंसा की जा सकती है। मंत्रालय ने बाद में राष्ट्रपति के पास जो समरी भेजी है, उसमें लिखा है कि वह सरेशवाला के नाम पर विचार कर उन्हें चांसलर नियुक्त कर सकते हैं।
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