उत्तर प्रदेश सरकार ने दिल्ली के मुख्यमंत्री को जेड श्रेणी की सुरक्षा प्रदान की है। हालांकि केजरीवाल ने सुरक्षा लेने से एक बार फिर इनकार किया है। वहीं, मनीष सिसोदिया को डीडीए फ्लैट आवंटित किया गया है।
आम आदमी पार्टी के संयोजक और दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को उत्तर प्रदेश सरकार ने जेड सुरक्षा प्रदान करने का फैसला किया था।
केजरीवाल ने शुक्रवार को सुरक्षा लेने से मना कर दिया। उन्होंने कहा कि मेरी जीवन रेखा बहुत लंबी है, मुझे कोई मार नहीं सकता।
गौरतलब है कि केजरीवाल गाजियाबाद में रहते हैं। उनके यहां के प्रवास के दौरान उनकी सुरक्षा के लिए दिल्ली के पुलिस अफसरों ने उत्तर प्रदेश सरकार से आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया हुआ था।
घर के बाहर सुरक्षा देने को हुए थे तैयार
अरविंद केजरीवाल द्वारा अतिरिक्त सुरक्षा लेने के प्रति पूर्व में दिखाई गई अरुचि को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस ने उनके लिए जेड प्लस के बजाय सिर्फ जेड श्रेणी की सुरक्षा देने को कहा था।
प्रमुख सचिव गृह अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि गुरुवार को इस विषय पर बैठक हुई थी। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस के आग्रह पर विचार करते हुए अरविंद केजरीवाल को जेड श्रेणी की सुरक्षा दे दी गई है।
जानकारों के अनुसार पहले केजरीवाल ने सुरक्षा लेने से मना कर दिया था पर बाद में वह इस पर तैयार हो गए कि यह सुरक्षा उनके घर के बाहर दे दी जाए। उनके घर के बाहर काफी भीड़ हो जाती है।
यह होती है जेड श्रेणी सुरक्षा
-28 सुरक्षकर्मी हर समय रहते हैं।
- हाउस गारद (इसमें दो शिफ्टों में एक हेड कांस्टेबिल और चार कांस्टेबिल सशस्त्र मौजूद रहते हैं। दो शिफ्ट होने पर इनकी संख्या दोगुनी हो जाती है।) - कुल 10
- दो पीएसओ (आठ-आठ घंटे की शिफ्ट में दो सशस्त्र निजी सुरक्षा अधिकारी। यानि चौबीस घंटे में तीन गुना संख्या।) - कुल 6
- आर्म्ड एस्कॉर्ट (एक जीप, एक चालक, एक सशस्त्र हेड कांस्टेबिल और तीन कांस्टेबिल। दो शिफ्टों में।) - कुल 10
- एक वाचर (सादे वस्त्रों में एक पुलिसकर्मी जो कुछ दूरी पर मौजूद रह कर सारी गतिविधियों पर नजर रखता है। दो शिफ्टों में।) - कुल 2
मनीष को मिले दो डीडीए फ्लैट
मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को बेशक दिल्ली में अभी आशियाना नहीं मिल सका है, लेकिन उनके घनिष्ठ सहयोगी और शहरी विकास मंत्री मनीष सिसौदिया को दो कमरों के दो फ्लैट मिल गए हैं।
मनीष के लिए मयूर विहार फेज-एक में दो फ्लैट का इंतजाम किया गया है। एक में वह खुद रहेंगे, जबकि दूसरा उनके कार्यालय के तौर पर इस्तेमाल होगा।
मनीष के लिए मयूर विहार स्थित 49 ए व 46 ए नंबर का डीडीए फ्लैट लिया गया है। विवादों से बचने के लिए उनके लिए छोटा मकान ढूंढा गया है।