आतंकवादी संगठनों से जुड़ने की योजना बना रहे गिरफ्तार युवक कश्मीर की अलगाववादी नेता आसिया अंद्राबी या फिर हिजबुल मुजाहिदीन के नेताओं से मिलना चाहते थे। तीनों ने तय किया था कि इसके लिए वे अपने चाचा सिमी के पूर्व प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के नाम का इस्तेमाल करेंगे। सलाहुद्दीन की मौत हो चुकी है।
पुलिस के अनुसार मोहम्मद अब्दुल्ला बासित, माज हसन फारूक और सैयद उमर फारूक हुसैनी का सीधे तौर पर दुख्तरान-ए-मिल्लत की नेता अंद्राबी से कोई संबंध नहीं है।
अलगाववादी नेता भी तीनों को नहीं जानती है। युवकों की योजना थी कि श्रीनगर पहुंचने के बाद वे अपने चाचा के नाम के सहारे अनद्राबी तक पहुंचेंगे और उससे सीमा पार जाने के लिए मदद मांगेंगे। तीनों अफगानिस्तान के जलालाबाद जाना चाहते थे।