सुप्रीम कोर्ट ने देश के युवाओं में सिगरेट पीने की लत पर अफसोस जताया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि सिगरेट के पैकट पर वैधानिक चेतावनी होने के बावजूद युवा इसका सेवन कर रहे हैं।
शीर्ष अदालत ने यह टिप्पणी उस याचिका पर दी जिसमें गुहार की गई थी कि सिगरेट व बीड़ी के पैकेट के 85 फीसदी हिस्से पर वैधानिक चेतावनी दी जाए। न्यायमूर्ति पिनाकी चंद्र घोष और न्यायमूर्ति अमिताभ रॉय की पीठ ने कहा कि ऐसा लगता है कि देश के युवा सिगरेट को एन्जॉय कर रहे हैं। उन्हें अपने स्वास्थ्य की कोई फिक्र नहीं है।
कई तो एक के बाद एक लगातार सिगरेट पी जाते हैं। हमने खुद ही नौजवानों को सिगरेट पीते देखा है। पीठ ने याचिकाकर्ता संगठन की ओर से पेश वकील से कहा कि युवा मासूम नहीं हैं। उन्हें भलीभांति पता है सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। शीर्ष अदालत ने उन्हें हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने के लिए कहा है।