मेरठ में किठौर के जड़ौदा गांव में जमीन विवाद ने सांप्रदायिक रंग ले लिया। समुदाय विशेष के लोगों पर अंधाधुंध फायरिंग की गई। इस दौरान जान बचाने के लिए मस्जिद में घुसे युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई। जबकि मौलाना घायल हो गए।
तनाव के मद्देनजर पुलिस और प्रशासनिक अफसर मौके पर पहुंचे और स्थिति संभाली। मामले में नौ आरोपियों के खिलाफ नामजद केस दर्ज कराया गया है। इनमें से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है।
पुलिस के अनुसार ग्राम छुछाई निवासी जयपाल और जड़ौदा निवासी मंसूर अली के बीच सिलोर रसूलपुर पनाह स्थित जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। मामला कोर्ट में विचाराधीन है।
यह जमीन काफी समय पहले महरचंद, सूरज, महकार तथा जयपाल की थी। इसके बाद इसका धर्मपाल बूढ़ा को बैनामा करा दिया था। धर्मपाल ने भी बैनामा आगे खंदक बाजार मेरठ निवासी राजपाल को करा दिया था।
बताया गया कि कब्जा न होने पर यह जमीन जड़ौदा निवासी सिराज ने ले ली थी। और गुरुवार तड़के जमीन जोत कर भूंसे के बोंगे में आग लगा दी। इस बात का पता जब जयपाल पक्ष को लगा तो गुरुवार दोपहर साढ़े तीन बजे कुछ युवक बाइक से जड़ौदा गांव पहुंचे और अंधाधुंध फायरिंग कर दी।
ये युवक सिराज को ढूंढते हुए मस्जिद के पास पहुंचे तो सिराज का लड़का फरियाद हमलावरों से बचते हुए मस्जिद में जा घुसा। ताबड़तोड़ फायरिंग के बीच फरियाद की गोली मारकर हत्या कर दी गई जबकि मौलाना यासीन छर्रे लगने से घायल हो गया।