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चांद, मंगल तो दूर, लैब तक जाने को तैयार नहीं युवा

Fri, 14 Dec 2012 11:55 AM IST
अविनाशी श्रीवास्तव/इलाहाबाद
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वैज्ञानिक चांद और मंगल पर जीवन की संभावनाएं तलाश रहे हैं पर नई पीढ़ी को इसमें कतई रुचि नहीं है। विज्ञान की पढ़ाई करने वाले छात्र भी इंजीनियरिंग और मेडिकल का कोर्स कर बेहतर नौकरी के लिए जूझ रहे हैं। विज्ञान से उनका वास्ता नजर नहीं आ रहा। नतीजा है कि नए शोध नहीं हो पा रहे हैं।
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कुछ दिनों पहले वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे कलाम ने नए छात्रों को विज्ञान से जोड़ने के लिए अभियान चलाया था पर उस मुहिम को और तेज करने की जरूरत है। इलाहाबाद स्थित ट्रिपलआईटी में चल रहे विज्ञान समागम में दुनिया भर से पहुंचे वैज्ञानिकों ने इस बात पर चिंता जताई कि युवाओं में विज्ञान को लेकर रुझान घट रहा है।
 
वैज्ञानिकों ने कहा कि भारत ही नहीं अमेरिका समेत कई अन्य देश विज्ञान के प्रति युवाओं के कम होते रूझान की समस्या से जूझ रहे हैं। अमेरिका की एक संस्था ने तो इसकी वजह से बंद हो रहे भौतिक विज्ञान विभाग को बचाने के लिए पढ़ाई का पूरा सलीका ही बदल दिया है। वहां कई नए कोर्स शुरू किए हैं। वैज्ञानिकों ने भारत में भी इस तरह के पहल की अपील की है।
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इंडियाना यूनिवर्सिटी ऑफ पेनसिलवेनिया के भौतिकी विभाग के अध्यक्ष प्रो. देवकी एन. तलवार ने बताया कि उनके विषय में छात्र-छात्राओं की संख्या तेजी से घट रही है। इसकी वजह से भौतिकी विभाग को बंद करने का भी निर्णय ले लिया गया लेकिन उन्होंने इसका विरोध किया।

प्रो. तलवार ने बताया कि विभाग को बचाने के लिए भौतिकी के अलग-अलग क्षेत्रों में उपयोग, नैनो टेक्नोलॉजी, सोलर सिस्टम आदि पर नए कोर्स शुरू किए गए। पिछले साल ही शुरू इन कोर्सों में छात्र-छात्राओं का काफी रुझान दिखा। उन्होंने कहा कि विज्ञान से दूर हो रहे स्टुडेंट्स को रोकने के लिए उनकी सोच के साथ पढ़ाई का ढर्रा भी बदलना होगा और व्यवहारिक जीवन के करीब ले जाना होगा।
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