हिमाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में किस राजनीतिक दल की सरकार बनेगी यह काफी हद तक युवाओं पर निर्भर करेगा। युवा जिस ओर भी अपने मत का प्रयोग करेंगे, सरकार उसी दल की बनेगी क्योंकि प्रदेश में वर्तमान में 45,15,604 मतदाता हैं। इनमें 22,86,225 ऐसे मतदाता हैं, जो 40 साल से कम उम्र के हैं। पिछले विस चुनावों की बात करें तो भाजपा ने सत्ता में आने से पहले कहा था कि युवाओं को सरकारी और गैर सरकारी क्षेत्र में रोजगार मुहैया करवाया जाएगा। जबकि कांग्रेस ने अपने घोषणा पत्र में कहा था कि हर घर से एक व्यक्ति को नौकरी दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि प्रदेश में युवा तुर्कों की फौज लगातार बढ़ रही है। जो किसी भी दल की सरकार को बनाने और गिराने के लिए काफी है। चुनाव आयोग के आंकड़ों पर गौर करें तो वर्तमान में 18 से 19 वर्ष की उम्र के प्रदेश में 1,04,240 मतदाता हैं। जबकि 20 से 29 साल के उम्र के 10,29,897 मतदाता हैं। इसके अलावा 30 से 39 साल के मतदाताओं की संख्या 11,52,088 के करीब है। जो कुल मिला कर 22,86,225 के करीब है। जो प्रदेश के कुल मतदाताओं का 49 फीसदी के बराबर है। ऐसे में साफ है कि इस दफा विस चुनावों में सरकार बनाने की जिम्मेवारी युवाओं पर रहेगी।
क्या कहते हैं नेता?
भाजपा प्रदेश सचिव राम स्वरूप शर्मा का कहना है कि भाजपा ने अपने कार्यकाल में करीब 47 हजार युवाओं को सरकारी क्षेत्र और हजारों युवाओं को निजी क्षेत्र में रोजगार मुहैया करवाया है। एक साथ हजारों युवाओं को आज तक किसी भी सरकार ने रोजगार मुहैया नहीं करवाया है।
कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष ठाकुर कौल सिंह कहते हैं कि भाजपा ने युवाओं के साथ धोखा किया है। चाहे वह पीटीए शिक्षक हो या फिर बेरोजगार युवा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सत्ता में आते ही युवाओं के लिए बेहतर रोजगार के मौके उपलब्ध करवाएगी।