अलीगढ़ से करीब २५ किमी दूरी पर बसे कस्बा खैर के मोहल्ला उपाध्याय में नाबालिग किशोरी ने पांच साल के मासूम अमित की बेरहमी से हत्या कर शव करबला में ईंटों के ढेर में छिपा दिया। बात सिर्फ इतनी थी कि आवारा किस्म की किशोरी को अमित के पिता ने उसकी हरकतों के लिए तीन दिन पहले डांटते हुए पीट दिया था। इस डांट से क्षुब्ध किशोरी इस कदर आक्रोशित हो गई कि उसने मासूम का कत्ल कर दिया।
मंगलवार शाम से लापता अमित का सुराग न मिलने पर बुधवार सुबह जब शक के आधार पर किशोरी से पूछताछ हुई तो उसने हत्या करना स्वीकारते हुए अधजला शव भी बरामद करा दिया। इस घटना के बाद गुस्साए लोगों ने इसे सिद्धी के लिए नरबली करार देते हुए कस्बे के सुभाष चौक पर जाम लगाकर उग्र प्रदर्शन किया और पांच लाख रुपये मुआवजे की मांग उठाई। बाद में अधिकारियों के समझाने पर ठोस आश्वासन पर मामला शांत हुआ।
कस्बा खैर निवासी मजदूर परिवार से ताल्लुक रखने वाले रिंकू का बेटा अमित मंगलवार को अचानक गायब हो गया था। उसे आखिरी बार लोगों ने पड़ोस की ही किशोरी के साथ देखा था। जब सुबह तक अमित का सुराग नहीं लगा तो शक के आधार पर उस किशोरी से पूछताछ हुई। पहले तो वह लोगों को टहलाती रही। मगर जब पुलिस को बुलाया और सख्ती से पूछताछ हुई तो उसने अमित की पहले गला रेंतकर फिर पेट काटकर और पेट में केरोसिन डालकर जलाकर हत्या करना स्वीकारा।