13 दिसंबर को मेरठ के केसरगंज से भरे गए सैंपल की रिपोर्ट मंगलवार को आने के बाद खाद्य एवं औषधि विभाग के कमिश्नर बादल चटर्जी ने व्यापारियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बताया कि सरसों के तेल में मिलावट हुई है। तेल में पीला रंग मिलाया गया है। यह मिलावटी तेल आंत पर प्रभाव डाल सकता है। मेल से रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद उन्होंने सर्किट हाउस में प्रेसवार्ता कर कहा कि अब तो समझ में आ ही गया होगा कि व्यापारी कार्रवाई का विरोध क्यों करते हैं।
उन्होंने बताया कि टीम ने केसरगंज मंडी में मेसर्स नन्हेमल कैलाश चंद फर्म से तेल के सैंपल भरे थे। इसकी रिपोर्ट मिल गई है। जांच में सैंपल फेल हो गया है। उन्होंने बताया कि प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वाद दाखिल कर कड़ी कार्रवाई के लिए नियमित पैरवी की जाए।
मिलावट नहीं करते तो सैंपल फेल क्यों
उन्होंने कहा कि कार्रवाई से बचने के लिए ही व्यापारी तमाम दलीलें पेश करते हैं और विरोध जताते हैं। मिलावट नहीं करते तो यह सैंपल फेल क्यों हुआ। शहर की 20 लाख से ज्यादा की आबादी है। इनके लिए चंद व्यापारियों से किसी भी सूरत में समझौता नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि व्यापारी मिलावट कर रहे हैं, इस बात को जनता भी जानती है। हमारी टीम ने सोमवार को मेरठ में कार्रवाई की। जब अखबारों के माध्यम से लोगों ने खबरें पढ़ी तो मंगलवार को कार्रवाई की प्रशंसा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग सर्किट हाउस उनसे मिलने आए। इसमें अधिवक्ताओं से लेकर सामाजिक कार्यकर्ता और आम लोग भी थे।
कार्रवाई पर प्रतिक्रिया
जब खाद्य एवं ड्रग विभाग के स्थानीय लोग पूरे साल शहर में घूमकर सैंपल लेते हैं, उनका किसी व्यापारी द्वारा कोई विरोध नहीं किया जाता है। फोर्स के साथ इस तरह से कार्रवाई करने का क्या औचित्य है? इसका मतलब स्थानीय अधिकारी काम नहीं करते तो उन्हें बदला जाए। या तो फोर्स के साथ सैंपलिंग करने के पीछे विभाग की मंशा कुछ और है।
- इंद्रपाल सिंह, अध्यक्ष जिला केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन
व्यापारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। फोर्स के साथ कार्रवाई करना दर्शाता है कि शासन और प्रशासन नियत व्यापारियों की छवि खराब करने की है। मंगलवार की मारपीट की घटना खेदजनक है।
- सुनील भराला, भाजपा नेता
उपभोक्ताओं को सही सामग्री उपलब्ध कराना बोर्ड की प्राथमिकता है। इसलिए व्यापारियों को कार्रवाई का विरोध करने की बजाए सहयोग करना चाहिए। बोर्ड सदस्य के साथ मारपीट का मामला संज्ञान में आया है, अगर उनके द्वारा आधिकारिक तौर पर इसकी सूचना दी जाती है तो बोर्ड इस पर कड़ी कार्रवाई करेगा।
- डीएन यादव, सीईओ, कैंट बोर्ड
खाद्य एवं औषधि प्रशासन का अभियान
व्यापारियों के भारी विरोध के बाद भी खाद्य एवं औषधि प्रशासन का अभियान जारी रहा। मंगलवार को टीम ने केसरगंज के साथ ही सदर दाल मंडी में कार्रवाई के दौरान 13870 लीटर खाने का तेल सीज किया। वहीं ड्रग विभाग की टीमों ने ब्लड बैंकों से लेकर मेडिकल स्टोर से सैंपल भरे। कुल मिलाकर 12 नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं।
कमिश्नर बादल चटर्जी और पुलिस उप महानिरीक्षक डीपी श्रीवास्तव के निर्देशन में टीम ने कार्रवाई की। इसमें मेरठ तेल भंडार से 2700 लीटर सरसों का तेल, 5000 लीटर पॉम आयल, अग्रवाल ट्रेडिंग कंपनी से 26 टीन सोयाबीन तेल, साहिबा ट्रेडिंग कंपनी से 43 टीन सरसों का तेल, जगदीश प्रसाद एंड संस से 65 टीन सरसों का तेल और 4.5 कुंतल खुला तेल सीज किया। इसके साथ पारस तेल भंडार से 10 टीन सरसों का तेल और शुद्ध रेवड़ी भंडार से 155 किलो बेसन सीज किया गया।
दो क्विंटल मावा जब्त
परतापुर में कार्रवाई करने गई खाद्य विभाग की टीम को सुबह संदेहास्पद दो कुंतल खोया और कलाकंद बरामद हुआ, इसे जब्त कर सैंपल भरे गए। इसके साथ ही निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की प्रक्रिया मुख्यालय स्तर से शुरू हो गई है।