कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा ने भाजपा से अपना नाता तोड़ने का फैसला कर लिया है। इस क्रम उन्होंने नई पार्टी का गठन करने का ऐलान किया है। वह 10 दिसंबर को अपनी पार्टी का नाम घोषित करेंगे।
भाजपा के साथ संबंधों में आए मनमुटाव पर येदियुरप्पा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी से अब उनका कोई नाता नहीं है। गौरतलब है कि येदियुरप्पा कर्नाटक के जनसंख्या बाहुल्य लिंगायत समुदाय से आते हैं, इस समुदाय का भाजपा को समर्थन है। लेकिन राज्य की भाजपा सरकार में नेतृत्व को लेकर उभरे मतभेद के बाद से येदियुरप्पा के नई पार्टी बनाने की घोषणा ने राजनीतिक विश्लेषकों को दुविधा में डाल दिया है।
उनके अनुसार, अब ये देखना है कि लिंगायत समुदाय येदियुरप्पा को अपना समर्थन देगा या फिर राज्य भाजपा में लिंगायत समुदाय के दूसरे बड़े नेता और मुख्यमंत्री जगदीश सेट्टार पर भरोसा कायम रखेगा।
इससे पूर्व राज्य सरकार में नेतृत्व को लेकर उभरे विवाद को शांत कराने के लिए भाजपा के राष्ट्रीय नेताओं ने सदानंद गौड़ा को हटाकर जगदीश शेट्टार को नया सीएम बनाने का फैसला किया था। तब माना जा रहा था कि येदियुरप्पा इस फैसले से खुश हैं और राज्य भाजपा में अंतर्कलह खत्म हो गया है।