कई बार सुरक्षा एजेंसियों की आंखों में धूल झोंकने वाले इंडियन मुजाहिदीन के मास्टरमाइंड यासीन भटकल की एक गलती ने उसे सलाखों के पीछे पहुंचा दिया।
यह शातिर आतंकवादी सुरक्षा एजेंसियों से बचने के लिए कंप्यूटर और फोन का इस्तेमाल नहीं करता था। लेकिन गुप्त ठिकाने से उसने अपने घर और दो पत्नियों में से एक को जो चिठ्ठी भेजी, वह उसकी गिरफ्तारी का कारण बनी।
गृह राज्य मंत्री आरपीएन सिंह ने इस बात की पुष्टि की है कि डाक के जरिए किए गए पत्राचार से एजेंसियां यासीन तक पहुंची।
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इस कार्रवाई से जुड़े खुफिया अधिकारी ने बताया कि यासीन का कोई इलेक्ट्रॉनिक फुटप्रिंट नहीं मिलता देख उसके पीछे लगी खुफिया एजेंसियों ने उसके सभी ठिकानों के डाकघरों पर ध्यान केंद्रित करना शुरू किया।
उसने करीब छह महीने पहले बिहार के दरभंगा ठिकाने पर और कर्नाटक के अपने गांव भटकल में चिट्ठियां लिखी थी।
खुफिया एजेंसियों ने लिफाफे पर उसके घर और ठिकाने का पता देख उन्हें डाकघर से ही अपने कब्जे में ले लिया। वह खत विदेश से आया हुआ था।
सूत्र ने यह बताने से इंकार कर दिया कि वह खत नेपाल से आया था कि खाड़ी के किसी देश से। सूत्र ने बताया कि इसी चिट्ठी के आधार सुरक्षा एजेंसियों को शक हुआ कि यासीन एक खास देश में छुपा है।
वहीं से उसे गिरफ्त में लेने के अति खुफिया ऑपरेशन की शुरुआत हुई। इसी क्रम में यासीन का साथी असदुल्लाह उर्फ हड्डी भी रडार में आ गया।
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कूटनीतिक कारणों से एजेंसियां उन देशों के नाम ज्यादा उछालना नहीं चाहतीं, जिन्होंने उनकी मदद की है। इसी चैनल से कुछ और वांटेड आतंकियों को भारत लाने की योजना पर लगातार काम चल रहा है।
सुरक्षा एजेंसियों की नजर दाऊद इब्राहिम के साथ पंजाब के उन आतंकवादियों पर भी है, जिन्होंने पाकिस्तान में शरण ले रखी है।