जेकेएलएफ लीडर यासीन मलिक और जमात-उद-दावा सरगना हाफिज सईद की पकिस्तान में हुई मुलाकात पर केंद्र सरकार ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। केंद्र यासीन मलिक का पासपोर्ट रद्द करने पर विचार कर रहा है, वहीं सुरक्षा एजेंसियां भी देश वापसी के बाद उनसे पूछताछ करने की तैयारी कर रही हैं।
गौरतलब है कि संसद हमले के दोषी अफजल गुरू को फांसी दिए जाने के विरोध में पाकिस्तान में हो रहे प्रदर्शनों में हाफिज सईद और यासीन मलिक एक ही मंच पर नजर आए थे। मलिक इस समय अपनी पत्नी के साथ पाकिस्तान में हैं। उनकी पत्नी पाकिस्तान की ही हैं।
माना जा रहा है कि हाफिज के साथ मंच साझा करने के बाद सुरक्षा एजेंसियां स्वदेश लौटते ही उनसे पूछताछ कर सकती हैं। मलिक ने अफजल को फांसी दिए जाने के विरोध में इस्लामाबाद में आयोजित एक सभा में अफजल की फांसी को भारतीय लोकतंत्र पर धब्बा करार दिया।
मलिक ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर के नेताओं से भी अफजल की मौत विरोध करने की मांग की। हाफिज सईद भी इस कार्यक्रम में शामिल था और उसने पाकिस्तानी सरकार से मांग की कि वह कश्मीर मुद्दे पर खामोश न रहे। वहीं, भाजपा ने भी यासीन मलिक का पासपोर्ट रद्द करने की मांग की है।