मेरठ जिले के नाहली गांव की महिलाएं मुजफ्फरनगर हिंसा मामले में एकपक्षीय कार्रवाई को लेकर 19 अक्तूबर को महापंचायत करने पर अड़ गईं हैं।
मंगलवार को पुलिस ने गांव पहुंचकर महापंचायत न करने की अपील की लेकिन महिलाएं नहीं मानीं।
जाहरवीर माढ़ी परिसर में पंचायत कर महिलाओं ने ऐलान किया कि महापंचायत हर हाल में होगी। इस दौरान महिलाओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन भी किया।
विधायक संगीत सोम और सुरेश राणा पर रासुका लगाए जाने, खेड़ा महापंचायत और मुजफ्फरनगर हिंसा के मामले में एकपक्षीय कार्रवाई को लेकर व्याप्त गुस्सा कम नहीं हो रहा है।
इस प्रकरण को लेकर ठाकुर चौबीसी के गांव नाहली में विजयादशमी के दिन मंदिर परिसर में हुई पंचायत में 19 अक्तूबर को महिलाओं की महापंचायत करने का ऐलान किया गया था।
मंगलवार को पुलिस ने गांव पहुंचकर महिलाओं से महापंचायत न करने की अपील की लेकिन वे नहीं मानीं। देर शाम जाहरवीर माढ़ी परिसर में हुई बैठक में महिलाओं ने हुंकार भरते हुए कहा कि महापंचायत हर हाल में होगी। पंचायत के बाद महिलाओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।
दीपावली पर नहीं जलेंगी मोमबत्तियां
मुजफ्फरनगर जिले के कुटबा गांव में एकत्र हुई पांच गांवों की महिलाओं ने जुलूस निकालकर प्रदेश और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ऐलान किया गया कि इस बार दिवाली पर न पटाखे छोड़े जाएंगे और न ही मोमबत्तियां जलाई जाएंगी।
रोशनी के लिए सरसों के तेल के दीपक जलाने का आह्वान किया गया। निष्पक्ष कार्रवाई न होने पर 30 अक्तूबर से भूख-हड़ताल की घोषणा की।
मंगलवार को कुटबा गांव की चौपाल पर कुटबा, कुटबी, दुल्हेरा, हड़ौली और ढिंढावली गांव की महिलाएं एकत्र हुईं। हाथों में तख्तियां लेकर कुटबा और कुटबी गांव की गलियों से सरकार विरोधी नारेबाजी की। इसके बाद चौपाल पर हुई महिला पंचायत में प्रशासन पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया गया।