सेना के एक जवान हवलदार नारसिंह ने शाहजहांपुर में आर्मी की फायरिंग रेंज में अपनी ही रायफल से माथे पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली।
नारसिंह जम्मू-कश्मीर के कठुआ जिले के बुरान गांव के निवासी हैं। मंगलवार सुबह हुए इस हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
डोगरा रेजीमेंट के जवान के इस आत्मघाती कदम से वहां हड़कंप मच गया। आत्महत्या का कारण साफ नहीं हो सका है। आर्मी ने जांच समिति गठित कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद फौजी के शव को उसके घर भिजवा दिया गया है।
यूनिट अधिकारियों के अनुसार बुरान (जम्मू) निवासी करतार सिंह के 41 वर्षीय पुत्र हवलदार नार सिंह की तैनाती दिसंबर 2012 में शाहजहांपुर यूनिट में हुई थी। मंगलवार को फायरिंग रेंज में चार अन्य जवानों के साथ उनकी भी ड्यूटी लगी थी।
सुबह करीब नौ बजे एक जवान टॉवर पर पोजिशन लिए हुए था और तीन जवान किसी काम से इधर-उधर गए थे। गार्ड रूम में अकेले नारसिंह ही थे। इसी बीच उन्होंने अपनी सरकारी रायफल से माथे पर गोली मार ली, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।
फायर की आवाज सुनकर उनके साथी गार्ड रूम की ओर दौड़ पड़े। जमीन पर नारसिंह खून से लथपथ पड़े थे। जवानों ने तत्काल इसकी सूचना अफसरों को दी। अधिकारियों ने भी मौके का मुआयना करने के बाद नारसिंह के घर सूचना भिजवाई।
शाम चार बजे के बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव को गृह जनपद भेज दिया गया। पोस्टमार्टम हाउस पर मौजूद यूनिट अधिकारियों ने बताया कि स्टेशन कमांडर ने नारसिंह की मौत की जांच के लिए समिति गठित कर दी है। यह समिति आत्महत्या के कारणों का पता लगाने की कोशिश करेगी।