मुस्लिम महिला ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर ट्रिपल तलाक को चुनौती दी है। इसके साथ ही महिला ने तलाकशुदा पति से शादी करने पर रोक (हालाला) को भी चुनौती दी है।
महिला ने मुस्लिम पर्सनल लॉ के इन प्रावधानों को गैरकानूनी और असंवैधानिक बताया है।
शायरा बानो नामक मुस्लिम महिला की ओर से दाखिल इस याचिका पर न्यायमूर्ति अनिल आर दवे और न्यायमूर्ति आदर्श गोयल की पीठ ने केंद्र सरकार को 28 मार्च तक जवाब दाखिल करने के लिए कहा है।