गुजरात में तरक्की को लेकर बार-बार अपनी कॉलर खड़ी करने वाले गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को जूनागढ़ की महिला किसानों ने खून से चिट्ठी लिखी है।
इस पत्र में महिलाओं ने मोदी से जेतपुर-सोमनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग के मुद्दे पर उनसे बातचीत करने का आग्रह किया है।
महिला किसानों ने मोदी से कहा है, 'अगर आप बिहार में अपने भाइयों से बातचीत कर सकते हैं, तो जूनागढ़ में अपनी बहनों से क्यों नहीं कर सकते।'
एक परियोजना के तहत इस राजमार्ग को बढ़ाया जाना है और नेशनल हाइवेज अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने राज्य सरकार को इसके लिए जमीन खरीदने के लिए कहा है।
जिलाधिकारियों ने 23 जून को इसके लिए मैपिंग और मेजरमेंट की प्रक्रिया शुरू की। विरोध प्रदर्शन करने वाले किसानों को सर्वे प्रक्रिया के दौरान हिरासत में ले लिया गया।
खेदुट हितरक्षक समिति के अतुल पटेल का कहना है कि इस प्रोजेक्ट पर विचार-विमर्श के लिए वह मुख्यमंत्री से पिछले तीन साल से अपॉइंटमेंट मांग रहे हैं, लेकिन उनका आग्रह कभी स्वीकार नहीं किया गया।
पटेल के मुताबिक अब 101 महिला किसानों ने उन्हें खून से लिखी चिट्ठी भेजी है, क्योंकि इससे पहले भेजे गए पत्रों, पोस्टकार्ड, एसएमएस और ईमेल से कोई फायदा नहीं हुआ है।
वंथली और जूनागढ़ तालुका के 10 गांवों के किसान भूमि अधिग्रहण का विरोध कर रहे हैं। उनका कहना है कि जो जमीन रोड प्रोजेक्ट के लिए चिन्हित की गई है, वह काफी उपजाऊ है।
पटेल का कहना है कि दो लेन वाले जेतपुर-सोमनाथ नेशनल हाइवे को चार लेन में बदलने से जुड़ा प्लान तकनीकी और आर्थिक रूप से व्यावहारिक है, जिसके लिए राज्य सरकार ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर ली है।
इससे पहले केंद्र की ओर से पर्यावरण संबंधी मंजूरियां भी मिल चुकी हैं।