चेन्नई में आधार कार्ड बनवाने गई एक महिला को अधिकारियों ने इसलिए लौटा दिया क्योंकि वह दुपट्टा ओढ़कर नहीं पहुंची थी।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, सोशल साइट्स टि्वटर पर लावण्य मोहन नाम की महिला ने ट्वीट करके यह जानकारी दी। उनके ट्वीट करते ही 'दुपट्टा' और 'आधार कार्ड' ट्विटर टॉप ट्रेंड में शामिल हो गया।
मोहन ने ट्वीट किया, 'एक घंटे तक मैं आधार कार्ड के लिए फोटो खिंचवाने के लिए लाइन में खड़ी रही लेकिन जब मेरी बारी आई तो मुझे वापस लौटा दिया गया क्योंकि मैं दुपट्टा ओढ़कर नहीं पहुंची थी।'
महिला ने ट्वीट में कहा कि लोकल अधिकारियों के कभी-कभी अपने अजीबोगरीब नियम होते हैं।
आधार कार्ड सेंसस ऑपरेशन्स के ज्वाइंट डायरेक्टर एमआरवी कृष्ण राव का कहना है कि आधार कार्ड के लिए फोटो खिंचवाने के लिए ड्रेस पर कोई पाबंदी नहीं है।
लावण्य मोहन को ट्विटर पर काफी सपोर्ट मिल रहा है।
एक ने ट्विट किया कि उसके पास दुपट्टा नहीं है तो क्या आधार कार्ड बनवाने के लिए वह तौलिये का इस्तेमाल कर सकती है।
दुपट्टा पर जोर देने का मतलब यह हुआ कि सनी लियोन और वीना मलिक कभी आधार कार्ड नहीं पा सकेगी। @vngopal
अगर मैं लड़की होता और दुपट्टा नहीं होने की वजह से मुझे मना किया जाता तो मैं निश्चित तौर पर सिर्फ दुपट्टे में आधार कार्ड बनवाने जाता। @TheBlueEyedSon
कुत्ते, पेड़ों और कुर्सियों को जारी किए गए आधार कार्ड
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, बंगलुरू में आधार कार्ड एनरोलमेंट प्रोसेस की एक और खामी सामने आई है। इनमें कई कार्ड पर असली आधार कार्डधारी के फोटो की जगह कुत्ते, पेड़ों और खाली कुर्सियों के चित्र हैं।
इस बारे में पूछे जाने पर यूनीक आइडेंटिटी ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल अशोक दलवई ने कहा, 'कोई सिस्टम फुलप्रूफ नहीं होता। उनमें कुछ गलतियां रह जाती हैं।'
उन्होंने यह भी बताया कि कई कार्ड्स पर कार्डधारियों के फिंगरप्रिंट्स में गड़बड़ियां हैं जिसे ठीक करने की कोशिशें की जा रही है। ऐसे कई मामले में कार्ड्स के एनरोलमेंट को रिजेक्ट करके आवेदकों को फिर से अप्लाई कराने को कहा गया है।