पंजाब में एक महिला ने हैवानियत की हदें पार कर दी। उसने पति से न केवल बेवफाई की, बल्कि उसे जहर देकर मार डाला। लाश जमीन में गाड़ दी और उस पर नमक डाल दिया, ताकि वो गल-सड़ जाए और किसी को पता भी न लगे। लेकिन मन इतने से भी नहीं भरा, उसने उसी जमीन पर तंदूर बनाया और तीन महीने तक उस पर रोटियां सेंकती रही।
पंजाब के अबोहर जिले में मार्च, 2012 में हुई गांधीराम की हत्या के बारे में रविवार को पुलिस ने ये सनसनीखेज खुलासा किया। पुलिस ने बताया कि गांधीराम की हत्या किसी और ने नहीं बल्कि उसकी पत्नी मीनू ने अपने प्रेमी राकेश के साथ मिलकर की थी। दोनों आरोपियों को राजस्थान से गिरफ्तार कर लिया गया है।
रविवार को पुलिस ने बताया कि पहली पत्नी का निधन होने के बाद गांव चुहड़ीवाला धन्ना के गांधीराम ने अपने से 20 साल छोटी मीनू उर्फ भागवंती से शादी की थी। शादी के कुछ दिनों बाद ही मीनू को गांव के ही राकेश नामक युवक से प्रेम हो गया। लेकिन ये बात गांधीराम से छिपी न रह सकी। मीनू को इसकी भनक लगते ही उसने राकेश के साथ मिलकर गांधीराम को रास्ते से हटाने का निर्णय लिया।
मीनू ने मार्च की एक सुबह पति को नास्ते में जहर दे दिया। बेहोश होने पर उसने पति के हाथ पांव बांधे और आंगन में बने वाटर टैंक में फेंक दिया। अगले दिन अपने प्रेमी राकेश को घर बुलाया और पूरी बात बताई। राकेश ने घर के आंगन में गड्ढा खोदा और गांधीराम की लाश वहीं दफना दी। लाश के ऊपर उन दानों ने नमक और बजरी डाल दी, जिससे शरीर गल जाए। पुलिस को गुमराह करने के लिए मीनू ने पति की गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी।
किसी को शक न हो इसलिए जिस जगह शव दबाया गया था, उसके ऊपर ही उसने तंदूर बनाया और तीन महीने तक उस पर रोटियां सेंकती रही। पुलिस को शक उस समय हुआ जब मीनू ने राकेश से शादी रचा ली। पुलिस की जांच तेज होने पर मीनू राकेश के साथ राजस्थान भाग गई और घडसाना में नाम बदलकर रहने लगी। इसी बीच गांधीराम के आंगन में दरारें आने पर उसके भाइयों ने पुलिस को खबर की। पुलिस ने 11 जून, 2012 को घर के आंगन की खुदाई की तो गांधीराम का शव बरामद हुआ।