बिहार विधानसभा की दस सीटों के उपचुनाव के लिए बृहस्पतिवार को मतदान होगा।
बिहार की राजनीति में 10 का दम दिखाने के लिए सत्तारूढ़ जदयू, राजद और कांग्रेस के महागठबंधन और भाजपा, लोजपा और रालोसपा के राजग ने अपना सब कुछ दांव पर लगा दिया है।
हाजीपुर, छपरा, बांका, राजनगर, परबत्ता, मोहनिया, भागलपुर, जाले, नरकटियागंज और मोहिउद्दीननगर के 26 लाख 42 हजार 407 मतदाताओं पर सबकी नजर है।
10 सीटों पर उपचुनाव के लिए वोटिंग
वो इस बार केवल अपने उम्मीदवार के नहीं बल्कि बिहार की राजनीतिक किस्मत का भी फैसला करेंगे। सभी सीटों पर सीधा मुकाबला होने के कारण राजनीतिक विश्लेषक भी परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।
महागठबंधन बनने से लड़ाई जरूर बराबरी की हो गई है, लेकिन जानकारों का मानना है कि पलड़ा राजग की ओर ही थोड़ा झुका हुआ है। ऐसे में किसके हिस्से कितनी सीटें आएंगी, यह कहने से हर कोई बचना चाह रहा है।
ऐसे में अंतिम परिणाम तो 25 को ही पता चलेगा, लेकिन प्रचार के दौरान यह जरूर दिखा कि राजग के कार्यकर्ताओं की तरह महागठबंधन के कार्यकर्ताओं में सामंजस्य की कमी थी।
नेता की तरह कार्यकर्ता एक-दूसरे से नहीं जुड़ पाए। 20 साल पुरानी गांठ पूरी तरह नहीं खुल पाई। मोहनिया में जदयू के चंद्र्रशेखर और भाजपा के निरंजन के बीच जीत और हार जातीय समीकरण पर ही निर्भर करेगा।
मोदी के मुकाबले महागठबंधन
अगर लोकसभा चुनाव की तरह जाति बेअसर हुई तो भाजपा की जीत तय है। भागलपुर में भी भाजपा के नभय कांग्रेस के अजीत से बेहतर स्थिति में हैं, लेकिन टक्कर करीब की है।
जाले एक मात्र सीट है जहां मुकाबला सीधा नहीं है। इस बार नेता पुत्रों के बीच मुकाबला भी है। जदयू के ऋषि मिश्र और भाजपा रामनिवास को यहां भाकपा के अहमद अली परेशान कर सकते हैं।
नरकटियागंज में भाजपा ने इस बार कांग्रेस से उम्मीदवार उधार लिया है। यहां भाजपा की रश्मि वर्मा का कांग्रेस के फकरुद्दीन से सीधा मुकाबला है।
मोहिउद्दीननगर में बाहरी और भीतरी का नारा बुलंद है। यहां भाजपा के राजेश कुमार और राजद के अजय कुमार के बीच सीधा मुकाबला है। परबत्ता में जदयू के आरएन सिंह लोजपा की सुहेली मेहता को टक्कर देने के लिए दिन-रात एक कर चुके हैं।
हर जगह मुकाबला कांटे का
बांका में दल बदलने और दिल बदलने का प्रभाव परिणाम पर दिखेगा। यहां भाजपा के राम नारायण और राजद के इकबाल हुसैन के बीच ही मुकाबला है।
छपरा में भी राजद के रणधीर सिंह और भाजपा के कन्हैया सिंह के बीच सीधा मुकाबला है। यहां राजपूत का वोट जीत या हार का कारण बनेगा।
हाजीपुर में बगावत का असर परिणाम पर जरूर पडे़गा। यहां से जदयू के राजेंद्र्र राय भाजपा के अवधेश सिंह को मजबूत टक्कर दे रहे हैं। राजनगर के मतदाताओं की परेशानी भी अन्य जगहों की तरह ही है। यहां भी मुकाबला राजद के रामावतार और भाजपा के रामप्रीत के बीच है।
कहने को यह मुकाबला जरूर स्थानीय स्तर का है, लेकिन इसके परिणाम देश को प्रभावित करने वाले हैं और ये बात मतदाताओं के बीच भी चर्चा का विषय बनी हुई है।